गोकुल में सरकारी निदेशकों पर राहुल गांधी का भाजपा पर आरोप, कहा दूध उत्पादकों के वोट की चोरी
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गोकुल में पांच निदेशक नामित करने के राज्य सरकार के फैसले पर राहुल गांधी ने भाजपा को घेरा है। पवन खेरा ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
गोकुल, यानी कोल्हापुर सहकारी दूध उत्पादक संघ के चुनाव के बाद नियमों में बदलाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने गोकुल में पांच निदेशक नामित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस पहले से ही तीखी आलोचना कर रही है। अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस विवाद में कूद पड़े हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेरा की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, "गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया। फिर भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए। 4 निदेशक जबरदस्ती घुसाओ, 12 को 16 बनाओ और बहुमत चुरा लो। यह दूध उत्पादकों के वोट पर डकैती है। यह जनादेश में की गई मिलावट है। सत्ता बचाने के लिए भाजपा इतनी हताश हो गई है कि किसी भी हद तक जा सकती है। दूध उत्पादकों के वोट चुराने वाले याद रखें कि किसान कभी नहीं भूलते।"
पवन खेरा ने अपने ट्वीट में कहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने गोकुल दूध संघ में दूध उत्पादकों के निदेशक मंडल की बनावट बदलने की कोशिश की है। उनके मुताबिक कांग्रेस की अगुआई वाले पैनल ने 25 में से 13 सीटों पर बहुमत हासिल किया, जबकि महायुति को 12 सीटें मिलीं। खेरा ने यह भी बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 नवंबर को नया चुनाव कराने का निर्देश दिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने चार सरकारी निदेशकों को वोट देने के अधिकार के साथ नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
खेरा का कहना है कि इससे चुनाव का गणित बदल सकता है और दूध उत्पादकों ने जो फैसला दिया, उसे नजरअंदाज किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव का नतीजा अपने पक्ष में न आए, तो क्या कोई सरकार चुनाव के बाद नियम बदल सकती है। खेरा के मुताबिक यह बड़ा सवाल है और इसी वजह से इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ी जाएगी।
अब देखें कि पूरा मामला क्या है। 19 अक्टूबर को हुए गोकुल के चुनाव में कांग्रेस विधायक सतेज पाटील की राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाडी ने 13 सीटें जीतीं। मंत्री हसन मुश्रीफ की अगुआई वाली राजर्षि शाहू विकास आघाडी ने 12 सीटों पर जीत हासिल की।
गोकुल के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है, जब 25 में से कम से कम 14 सदस्य बैठक में मौजूद हों। इसी बीच राज्य सरकार ने गोकुल में पांच निदेशक नामित करने का फैसला ले लिया। इससे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं, और इसी बात को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है।
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