गोकुल में चार संचालक नियुक्त करने के फैसले पर शिंदे गुट के सचिन अहीर ने जताई चिंता
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गोकुल दूध संघ में सरकार के चार संचालक नियुक्त करने के फैसले पर महायुति के भीतर भी अलग सुर उठे हैं। शिवसेना शिंदे गुट के नेता सचिन अहीर ने चुनाव लोकतंत्र के रास्ते से होने की बात कही।
गोकुल दूध संघ में सत्ता की खींचतान इन दिनों तेज हो गई है। सरकार की तरफ से संघ में चार संचालक नियुक्त करने का फैसला लिया गया है, और इसी फैसले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है।
महायुति सरकार के इस फैसले का महाविकास आघाडी की तरफ से जोरदार विरोध हो रहा है। दूसरी ओर, सत्ता में साथ बैठी भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट ने इस फैसले का समर्थन किया है।
महायुति का घटक दल होने के बावजूद शिवसेना शिंदे गुट ने भी इस फैसले पर नाराज़गी जताई है और खुलकर इशारा दिया है। इस पूरे मामले पर शिंदे गुट के नेता सचिन अहीर की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने राज्य सरकार के फैसले पर चिंता जताई है।
अहीर ने कहा, "गोकुल में जो कुछ हुआ, उसकी सारी जानकारी मुझे नहीं है, लेकिन हमारी भावना यही है कि चुनाव लोकतंत्र के रास्ते से होने चाहिए। आगे चलकर जिला बैंक के चुनाव होने वाले हैं, मुंबई बैंक का चुनाव भी होना है। ऐसे में गोकुल में जो हुआ, वैसा ही अगर वहां हुआ तो फिर क्या करना है? यह सवाल हमारे सामने भी है।"
राष्ट्रवादी और भाजपा ने इस मामले में जो भूमिका ली है, उस पर अहीर ने कहा कि इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता बोलेंगे।
इसी बातचीत में अहीर ने एकनाथ शिंदे के वाराणसी में हुए सम्मान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिंदे का वाराणसी में सम्मान होना उनके लिए बड़ी बात है। अहीर के मुताबिक शिंदे हिंदुओं की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और इसके लिए काम करते रहते हैं, इसीलिए यह बहुमूल्य सम्मान उन्हें मिला है। अहीर ने कहा कि वे इसका स्वागत ही करते हैं।
इस बीच शिवसेना ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच सतेज पाटील को फोन करके अपना समर्थन जताया। उद्धव ठाकरे ने सतेज पाटील से कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हम आपके साथ हैं।
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