शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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गोकुल में नाविद मुश्रीफ की एंट्री? हसन मुश्रीफ ने बेटे को लेकर क्या कहा

गोकुल में नाविद मुश्रीफ की एंट्री? हसन मुश्रीफ ने बेटे को लेकर क्या कहा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

हसन मुश्रीफ ने साफ किया कि गोकुल पर उनका बेटा संचालक बनकर नहीं जाएगा। उन्होंने सतेज पाटील और सोशल मीडिया प्रचार पर भी निशाना साधा।

गोकुल के चुनाव में हसन मुश्रीफ के बेटे और गोकुल के निवर्तमान चेयरमैन नाविद मुश्रीफ हार गए हैं। इस चुनाव में सतेज पाटील को भी बहुमत नहीं मिला। इसी वजह से सरकार ने गोकुल पर चार संचालक नियुक्त करने का फैसला लिया है।

चर्चा थी कि इन चार संचालकों में नाविद मुश्रीफ का नाम भी होगा और वे बैकडोर से गोकुल लौटेंगे। अब हसन मुश्रीफ ने इन बातों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि गोकुल पर उनका बेटा नहीं जाएगा।

मुश्रीफ ने सतेज पाटील पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सतेज पाटील के पास बहुमत है न, तो वे कोरम पूरा करें और अपना चेयरमैन चुन लें। उन्होंने किसी को रोका नहीं है। लेकिन यह उनसे हो ही नहीं पाएगा, क्योंकि गोकुल के बायलॉज और नियम के हिसाब से कोरम पूरा होने के बाद ही चेयरमैन चुना जाता है। कोरम न हो तो न चेयरमैन चुना जा सकता है और न मीटिंग बुलाई जा सकती है।

मुश्रीफ ने बताया कि डेडलॉक खत्म करने के लिए सरकार ने चार संचालक नियुक्त करने का फैसला किया है। सरकार यह कानून लाई है, फिर भी उनका बेटा या दूसरी पार्टी का कोई भी शख्स गोकुल में संचालक नहीं बनेगा। बेटे की बैकडोर एंट्री नहीं होगी और वहां विशेषज्ञों की ही नियुक्ति होगी। उन्हें लगता है कि सरकार किसी भी पार्टी से ताल्लुक न रखने वाले कार्यकर्ता को गोकुल पर नियुक्त करेगी।

उन्होंने कहा कि यह डेडलॉक एक बायलॉज की वजह से पैदा हुआ है और विरोधी यह बात समझ नहीं रहे। विरोधी अपना चेयरमैन चुन लें या कोर्ट चले जाएं, उन्हें किसी ने रोका नहीं है। कोर्ट जो भी फैसला करे, उसका सम्मान होना चाहिए। उनका सवाल है कि डेडलॉक कब खत्म होगा और सत्ता चुने हुए लोगों के हाथ में कैसे जाएगी। इसीलिए यह फैसला लिया गया। सरकार प्रशासक नियुक्त कर सकती थी, पर उसने ऐसा नहीं किया।

मुश्रीफ का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए इस चुनाव में जहरीला प्रचार किया गया। उनके मुताबिक यह संघ इतना बड़ा नहीं है, पर सोशल मीडिया पर उसे बहुत बड़ा दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में मौजूद धर्मनिरपेक्ष पार्टी के लोगों ने उनके बेटे के खिलाफ जातिवादी प्रचार किया। सोशल मीडिया से जहर घोला गया और सदस्यों में भी जहर घोला गया। मुश्रीफ ने कहा कि अब तो यही कहना पड़ेगा, "दोस्त दोस्त ना रहा"।

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