गुरूवार, 5 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेलवे पटरी किनारे की झुग्गियों के पुनर्वास पर शिंदे ने मांगी DPR

कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेलवे पटरी किनारे की झुग्गियों के पुनर्वास पर शिंदे ने मांगी DPR तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने SRA को रेलवे लाइन के किनारे बसे लोगों के पुनर्वास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने को कहा है और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी बात की है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) को निर्देश दिया है कि मुंबई के कुर्ला-ट्रॉम्बे इलाके में रेलवे पटरियों के किनारे झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए। यह जानकारी एक सरकारी बयान में दी गई है।

बयान के मुताबिक शिंदे ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी संपर्क किया और उनसे इस मामले में दखल देने की गुजारिश की। शिंदे का यह निर्देश उन नोटिसों को लेकर उठी चिंता के बाद आया है, जो रेलवे प्रशासन ने इन बस्तियों में कई सालों से रह रहे लोगों को भेजे हैं।

गुरुवार, 5 नवंबर को सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक रिव्यू मीटिंग हुई। इसमें चेंबूर, कुर्ला और चांदिवली विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्वास, रीडेवलपमेंट और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अटके हुए मामलों की समीक्षा की गई। इसी बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया।

यह पुनर्वास का मामला कुर्ला-ट्रॉम्बे में चिखलवाड़ी और RCF-प्रियदर्शनी से लेकर माहुल तक पटरियों के किनारे रहने वाले लोगों का है। शिंदे ने कहा कि रेलवे के नोटिसों से यहां बरसों से रह रहे लोगों में घबराहट पैदा हुई है। उन्होंने SRA से कहा कि वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाए और इन लोगों के पुनर्वास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पेश करे। शिंदे ने यह भी कहा कि प्रशासन यह पक्का करे कि कोई भी कार्रवाई ऐसी न हो जिससे कानून-व्यवस्था की दिक्कत खड़ी हो।

बैठक में खरदेव नगर की उस कॉलोनी पर भी चर्चा हुई, जहां नगर निगम कर्मचारियों के लिए टीन की छत वाले कम ऊंचाई के घर हैं। इसके रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव SRA के जरिए है। चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में BMC कर्मचारियों की आवासीय सहकारी हाउसिंग सोसायटियों के रीडेवलपमेंट पर भी बात हुई। शिंदे ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों की हाउसिंग सोसायटियों के रीडेवलपमेंट पर लगने वाले प्रीमियम को लेकर नई पॉलिसी लाने पर सरकार विचार करेगी।

रिटायर हो चुके BMC कर्मचारियों का मुद्दा भी उठा, जिनके आर्थिक लाभ और पेंशन इसलिए रोक दिए गए हैं कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद सरकारी आवास खाली नहीं किया। शिंदे ने कहा कि रिटायर कर्मचारियों को देय पूरी रकम रोक लेना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी इसलिए घर तुरंत खाली नहीं कर पा रहे, क्योंकि उनके बच्चों को BMC में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली है। उन्होंने अफसरों से कहा कि ऐसे मामलों को हमदर्दी से देखें और प्राथमिकता से प्रस्ताव भेजें।

कुर्ला विधानसभा क्षेत्र की म्हाडा कॉलोनियों, यानी नेहरू नगर, तिलक नगर, सहकार नगर और न्यू तिलक नगर में सीवेज पाइपलाइन की दिक्कतें भी बैठक में रखी गईं। शिंदे ने संबंधित एजेंसियों को आपस में तालमेल कर लोगों की परेशानी दूर करने के लिए कार्रवाई करने को कहा। साथ ही साबले नगर, क्रांति नगर और संतोषी माता नगर में रेलवे पटरियों के किनारे रहने वाले झोपड़ीधारकों के पुनर्वास पर चर्चा हुई। बर्मा शेल लाइन के किनारे रेलवे परियोजना से प्रभावित निवासियों के पुनर्वास का सवाल भी उठाया गया।

चांदिवली के विधायक दिलीप लांडे ने अपने क्षेत्र के कई अटके नागरिक मुद्दे रखे। इनमें साकीनाका पुलिस स्टेशन की नई इमारत के लिए BMC का आरक्षित प्लॉट देना, पहाड़ियों पर और उनकी तलहटी में बसी खतरनाक बस्तियों के लोगों को सुरक्षित जगह बसाना, और साकीनाका इलाके की ग्रीन बेल्ट को रिहायशी जोन में शामिल करना शामिल है। शिंदे ने अफसरों से कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर इन मसलों के पक्के हल निकालने की दिशा में काम करें।

बैठक में पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर और राहुल शेवाले, विधायक तुकाराम काटे, दिलीप लांडे और मंगेश कुडालकर, तथा सुजात आंबेडकर मौजूद थे।

#मुंबई#सियासत#PT24#Politics#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे