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02:28 IST

यूपी से राज्यसभा की सभी 10 सीटें बिना मुकाबले तय, भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार जीते

उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की 10 सीटों पर भाजपा के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। 16 अक्टूबर की वोटिंग की जरूरत नहीं रही और बसपा का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया।

यूपी से राज्यसभा की सभी 10 सीटें बिना मुकाबले तय, भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार जीते तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव की तस्वीर शुक्रवार, 9 अक्टूबर को साफ हो गई। भारतीय जनता पार्टी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज हो गए थे। इसके बाद नाम वापस लेने की मियाद खत्म होने तक कोई और उम्मीदवार मैदान में नहीं रहा, इसलिए सभी दस सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो गया। इस वजह से 16 अक्टूबर को तय वोटिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी। साथ ही उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व भी खत्म हो गया है।

भाजपा की तरफ से जो आठ उम्मीदवार चुने गए, उनमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं। इन आठों के निर्विरोध चुने जाने से राज्यसभा में उत्तर प्रदेश की सीटों पर भाजपा की संख्या पहले जितनी ही बनी रही।

समाजवादी पार्टी से वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव तथा उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी निर्विरोध चुने गए। राम गोपाल यादव एक बार फिर राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि धनराज नथवानी पहली बार राज्यसभा में जाएंगे। बताया जा रहा है कि दो सीटें मिलने से राज्यसभा में सपा के सदस्यों की संख्या पांच हो जाएगी।

चुनाव अधिकारी अजित कुमार वर्मा ने शुक्रवार को निर्विरोध चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की और नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र दिए गए। विधानसभा परिसर में हुई इस प्रक्रिया में भाजपा के ज्यादातर उम्मीदवार खुद मौजूद रहे और अपना प्रमाणपत्र लिया। राधाकांत ओझा की तरफ से उनके प्रतिनिधियों ने प्रमाणपत्र लिया, जबकि राम गोपाल यादव की ओर से पूर्व विधान परिषद सदस्य राकेश यादव ने प्रमाणपत्र प्राप्त किया।

चुने जाने के बाद प्रकाश पाल ने कहा कि वे पिछले 36 साल से पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें राज्यसभा में उत्तर प्रदेश और देश की जनता से जुड़े सवाल उठाने की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने यह दावा भी किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा 80 प्रतिशत सीटें जीतेगी और विपक्षी गठबंधन को 20 प्रतिशत सीटें मिलेंगी।

भाजपा की नवनिर्वाचित सदस्य प्रियंका सिंह रावत ने भी पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक आम कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी है, और पार्टी के लिए लगातार काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ऊंचे पदों तक पहुंचने का मौका मिलता है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी।

सपा से चुने गए धनराज परिमल नथवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा किया है। नथवानी के मुताबिक वे उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पार्टी के नजरिए को संसद में आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

इन दस सीटों में से पहले आठ भाजपा के पास, एक समाजवादी पार्टी के पास और एक बहुजन समाज पार्टी के पास थी। इस बार भाजपा को आठ और सपा को दो सीटें मिलीं, इसलिए बसपा के हिस्से कोई सीट नहीं आई। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, उसके बाद नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। भाजपा ने अपनी आठ सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि सपा को एक सीट ज्यादा मिली है।

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