मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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13:09 IST

विद्याविहार के नए फ्लाईओवर के नाम पर घमासान, नाना पाटेकर या कैप्टन स्मित मच्छार?

मुंबई के विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बने नए पूर्व-पश्चिम फ्लाईओवर के नामकरण पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और भाजपा आमने-सामने हैं।

विद्याविहार के नए फ्लाईओवर के नाम पर घमासान, नाना पाटेकर या कैप्टन स्मित मच्छार? तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई के विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास एक नया पूर्व-पश्चिम फ्लाईओवर बना है। यह पुल जल्द ही ट्रैफिक के लिए खुलने वाला है, लेकिन उससे पहले ही इसके नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सवाल यह है कि पुल को किसका नाम दिया जाए, और इसी पर राजनीति गरमा गई है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी चाहती है कि पुल को अभिनेता नाना पाटेकर का नाम दिया जाए। दूसरी तरफ घाटकोपर के भाजपा विधायक पराग शहा ने कैप्टन स्मित मच्छार का नाम सुझाया है। शहा का कहना है कि कैप्टन मच्छार ने 180 विमान यात्रियों की जान बचाई थी।

शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने तो पुल पर एक बैनर भी लगा दिया है। उस बैनर में मांग की गई है कि इस फ्लाईओवर का नाम 'पद्मश्री नाना पाटेकर सेतू' रखा जाए। इस हफ्ते की शुरुआत में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुंबई की मेयर रितू तावडे से मिला था। उस मुलाकात में पार्टी ने एक पत्र भी सौंपा, जिसमें पुल को नाना पाटेकर का नाम देने की मांग की गई है।

नाना पाटेकर मराठी और हिंदी फिल्मों के वरिष्ठ अभिनेता हैं। अपनी अदाकारी के साथ-साथ वे समाज के लिए किए गए काम की वजह से भी जाने जाते हैं। इसी आधार पर उनके नाम से पुल का नामकरण करने की मांग उठाई जा रही है।

उधर भाजपा विधायक पराग शहा ने कैप्टन स्मित मच्छार के नाम की मांग मुंबई महानगरपालिका को भेजी है। बताया जा रहा है कि विमान में सवार 180 यात्रियों की जान बचाने में कैप्टन मच्छार की अहम भूमिका रही, इसीलिए उनका नाम प्रस्तावित किया गया है।

इस तरह उद्घाटन से पहले ही नामकरण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर इस पर है कि दोनों मांगों में से किसे मंजूरी मिलती है।

नाम के विवाद के साथ-साथ पुल का खर्च भी चर्चा में है। फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान पश्चिम की तरफ वाले एप्रोच रोड का अलाइनमेंट बदला गया। बताया गया है कि इससे 53 फ्लैटधारकों को हटाने की नौबत टल गई। लेकिन इस बदलाव की वजह से एप्रोच रोड के निर्माण का खर्च 10 करोड़ 62 लाख रुपये बढ़ गया।

शुरुआत में इस काम की लागत 95 करोड़ 55 लाख रुपये थी। बढ़े हुए खर्च के बाद यह 106 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। एक तरफ उद्घाटन की तैयारी चल रही है, तो दूसरी तरफ नामकरण का झगड़ा और बढ़ी हुई लागत, दोनों बातें लोगों की जुबान पर हैं।

अब देखना यह है कि विद्याविहार फ्लाईओवर को किसका नाम मिलेगा और इस पर मुंबई महानगरपालिका क्या फैसला लेती है।

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