वेसावे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का निर्देश, देरी पर कार्रवाई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने वेसावे में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने को कहा है।
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मुंबई के समुद्री किनारे के पानी की क्वालिटी सुधारने और पर्यावरण को बचाने के लिए वेसावे में एक सीवेज ट्रीटमेंट केंद्र बनाया जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने इस केंद्र का काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त महापालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार पर सख्त दंड की कार्रवाई की जाएगी।
काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए भी आदेश दिए गए हैं। 31 अक्टूबर तक कामगारों की संख्या बढ़ाकर 500 तक करनी है और काम तीन शिफ्टों में चलाना है। फिलहाल परियोजना स्थल पर रोज करीब 340 कामगार काम कर रहे हैं। बांगर ने कहा कि परियोजना पूरी होने तक ये अतिरिक्त कामगार बने रहें और तीन शिफ्टों में चौबीस घंटे काम जारी रखा जाए।
बांगर ने हाल ही में परियोजना स्थल का दौरा किया। उन्होंने सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के कामों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। परियोजना की करीब 80 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है। सीवेज पर द्वितीय स्तरीय प्रक्रिया के लिए जो "द्रव प्रक्रिया व्यवस्था" जरूरी है, उसे 31 दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूरी परियोजना 31 मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
यह केंद्र वेसावे के खार क्षेत्र में बन रहा है और इसकी क्षमता रोज करीब 180 मिलियन लिटर है। गंदे पानी में मौजूद हानिकारक प्रदूषकों को खत्म करने के लिए इसमें आधुनिक सीक्वेंशियल बैच रिएक्टर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। परियोजना की संरचना से जुड़े काम पूरे हो चुके हैं। इस दौरे में प्रक्रिया टंकियां, इनलेट-आउटलेट व्यवस्था, पंप हाउस, स्लज यूनिट, पाइपलाइन, एरेशन ब्लोअर्स और स्क्रीनिंग सिस्टम के कामों का भी जायजा लिया गया।
इस परियोजना का बड़ा फायदा वेसावे, अंधेरी पूर्व और पश्चिम, जुहू और विलेपार्ले के लोगों को मिलेगा। प्रक्रिया किया हुआ पानी समुद्र में छोड़ा जाएगा, इसलिए वेसावे समेत पश्चिम उपनगरों के किनारे के पानी की क्वालिटी में अच्छा सुधार होगा।
बांगर ने यह भी सख्त हिदायत दी कि काम की रफ्तार बढ़ाते वक्त क्वालिटी, सुरक्षा और कार्यक्षमता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरे के वक्त प्रमुख अभियंता (मुंबई सीवरेज परियोजना) राजेंद्र परब के साथ महापालिका के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।