वरोरा में सड़क के गड्ढों पर मनसे का चक्का जाम, तीन पदाधिकारियों पर केस दर्ज
वणी-वरोरा बायपास पर गड्ढों के विरोध में सड़क पर बैठे मनसे पदाधिकारियों पर वरोरा पुलिस ने केस दर्ज किया।
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वरोरा में वणी-वरोरा बायपास रोड पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पदाधिकारी सड़क पर बैठ गए। इससे गणपति मंदिर इलाके में कुछ देर ट्रैफिक ठप रहा। पुलिस के मुताबिक पदाधिकारियों ने कहा कि वे सड़क के गड्ढों के विरोध में बैठे थे। इसी मार्ग पर मिट्टी से भरा एक हायवा ट्रक भी पलट गया था।
बिना इजाज़त आंदोलन करने और ट्रैफिक में रुकावट डालने के आरोप में वरोरा पुलिस ने मनसे के शहर अध्यक्ष समेत तीन पदाधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया है। मामला वरोरा पुलिस स्टेशन की हद में आने वाले गणपति मंदिर परिसर का है और यह सुबह के वक्त हुआ।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 16 अक्टूबर की सुबह वरोरा पुलिस स्टेशन की उपनिरीक्षक मनीषा तालेवार अपनी टीम के साथ दिन की ड्यूटी पर थीं। तभी एक गुप्त मुखबिर के ज़रिए खबर मिली कि वणी-वरोरा बायपास रोड पर गणपति मंदिर के पास मिट्टी का हायवा ट्रक (नंबर MH 29 BE 9086) पलट गया है। यह भी बताया गया कि उसी रोड की खराब हालत और गड्ढों के विरोध में मनसे के पदाधिकारी सड़क पर बैठकर धरना दे रहे हैं। सड़क के दोनों तरफ ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया था, गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई थीं और आम मुसाफिरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
खबर मिलते ही वरोरा पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। वहां देखा कि ट्रक सड़क किनारे पलटा हुआ था और उसके पास ही मुख्य डामर रोड पर मनसे के पदाधिकारी बैठकर ज़ोरदार नारेबाज़ी कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आनंद वामनराव गेडाम (35 साल, मोकाशे लेआउट, वरोरा, मनसे शहर अध्यक्ष), प्रशांत जनार्धन झुंझारे (42 साल, मिलन चौक, वरोरा, मनसे तालुका अध्यक्ष) और प्रतीक प्रकाश मुळे (22 साल, बावणे लेआउट, वरोरा, मनसे शहर उपाध्यक्ष) बताए।
पदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि इस रास्ते पर बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं, फिर भी संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा। प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए ही उन्होंने यह आंदोलन किया।
पुलिस ने उन्हें समझाया कि यह आंदोलन गैरकानूनी है और इससे आम लोगों और गाड़ी चालकों को बेवजह तकलीफ हो रही है। पुलिस ने सड़क खाली करने की गुज़ारिश की। पदाधिकारी सुनने को तैयार नहीं थे, इसलिए पुलिस ने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अपने स्टाफ की मदद से आंदोलनकारियों को सड़क से हटाया और ट्रैफिक चालू कराया। हायवा ट्रक के सुपरवाइज़र को भी गाड़ी मौके से हटाने के निर्देश दिए गए।
उपनिरीक्षक मनीषा तालेवार की शिकायत पर वरोरा पुलिस स्टेशन में तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक सड़क पर बिना इजाज़त रास्ता रोकने और ट्रैफिक में बाधा डालने का केस दर्ज हुआ है। यह केस भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 126(2) के तहत है। आगे की जांच पुलिस हवलदार नरेश कवडुजी नाननवरे कर रहे हैं।