सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 07:46 IST

वरोरा में आझाद हिंद सेना का 83वां स्थापना दिन मनाया गया, नगराध्यक्षा ने किया ध्वजारोहण

जय हिंद सैनिक संस्था की चंद्रपुर जिला शाखा ने वरोरा के शहीद योगेश डाहुले चौक में कार्यक्रम किया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस को सलामी दी गई।

वरोरा में आझाद हिंद सेना का 83वां स्थापना दिन मनाया गया, नगराध्यक्षा ने किया ध्वजारोहण तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वरोरा के शहीद योगेश डाहुले चौक में आज़ाद हिंद सेना की 83वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम जय हिंद सैनिक संस्था की चंद्रपुर जिला शाखा की तरफ से रखा गया था। वरोरा नगर परिषद की नगराध्यक्षा अर्चना आशिष ठाकरे ने झंडा फहराया। इसके बाद नेताजी सुभाषचंद्र बोस की तस्वीर की पूजा कर उन्हें सलामी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भी नगराध्यक्षा अर्चना ठाकरे ने ही की।

शुरुआत में मान्यवरों ने दीप जलाया और नेताजी की तस्वीर की पूजा की। नगराध्यक्षा के हाथों ध्वजारोहण होने के बाद नेताजी को सलामी दी गई, फिर राष्ट्रगीत और राज्यगीत के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।

मंच पर पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेश बोभाटे, पूर्व सैनिक मनोज जीवतोडे, आनंद निकेतन महाविद्यालय के सहयोगी एनसीसी अधिकारी लेफ्ट. डॉ. संदीप पारखी और जय हिंद सैनिक संस्था के चंद्रपुर जिलाध्यक्ष राजेंद्र मर्दाने मौजूद थे।

अपने संबोधन में अर्चना ठाकरे ने नेताजी की जोशीली देशभक्ति और संघर्ष से भरी जिंदगी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेताजी की अगुवाई में आज़ाद हिंद सेना के सैनिकों ने देश की आजादी के लिए खुद को झोंक दिया था। उनकी बहादुरी, उनका त्याग और देश के प्रति उनकी निष्ठा आज की नौजवान पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा है। उन्होंने कहा, "आज़ाद हिंद सेना के 83वें स्थापना दिवस पर जय हिंद सैनिक संस्था के जरिए झंडा फहराने का सम्मान मुझे मिला, यह मेरा सौभाग्य है। यह पल मैं कभी नहीं भूल सकती।"

लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप पारखी ने नेताजी के जीवन और काम पर रोशनी डाली। उनके मुताबिक नेताजी का नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा!" भारत की आजादी के लिए सब कुछ अर्पण कर देने की पुकार था। इसी पुकार पर आज़ाद हिंद सेना के सैनिक आजादी की लड़ाई में उतरे। डॉ. पारखी ने कहा कि उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानी भारतीय इतिहास में हमेशा अमर रहेगी। उन्होंने जय हिंद सैनिक संस्था की इस पहल को भी सराहनीय बताया, जो नेताजी के विचारों की याद दिलाती है और नई पीढ़ी में देशभक्ति जगाती है। इस मौके पर उन्होंने संस्था पर लिखी अपनी एक कविता भी पढ़ी।

पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेश बोभाटे ने कहा कि जय हिंद सैनिक संस्था का यह कार्यक्रम सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा देने वाला है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति की भावना और मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम होना जरूरी है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आज़ाद हिंद सेना के 75वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण किया था।

प्रस्तावना में राजेंद्र मर्दाने ने आज़ाद हिंद सेना के स्थापना दिवस की ऐतिहासिक अहमियत बताई। उन्होंने कहा, "आज का दिन सिर्फ एक ऐतिहासिक संगठन की स्थापना का दिन नहीं है, बल्कि भारत की आजादी के लिए सब कुछ त्याग देने वाले वीरों की बहादुरी, त्याग और देशभक्ति की याद दिलाने वाला दिन है।"

इसी दौरान उन्होंने संस्था की कई मांगें रखीं। कहा जाता है कि टोकियो के रेनकोजी बौद्ध विहार में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की अस्थियां रखी हैं। मर्दाने की मांग है कि इन अस्थियों की सच्चाई जांचने के लिए भारत सरकार उन्हें भारत लाकर डीएनए टेस्ट कराए। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी स्कूलों और कॉलेजों में नेताजी की जयंती मनाना जरूरी किया जाए। साथ ही आज़ाद हिंद सेना के स्थापना दिवस 21 अक्टूबर को हर साल दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री के हाथों ध्वजारोहण कर मनाया जाए।

कार्यक्रम में नगराध्यक्षा अर्चना ठाकरे, पूर्व सैनिक मनोज जीवतोडे, सुरेश बोभाटे और लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप पारखी का पुष्पगुच्छ, शॉल, सम्मान चिन्ह और किताबें देकर सम्मान किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा योगदान देने वालों का भी सत्कार हुआ। इनमें पूर्व प्राचार्य बलवंत शेलवटकर, विजय पिसे, पूर्व शिक्षक लक्ष्मण पराते, किसान किशोर देवडे, सामाजिक कार्यकर्ता छोटुभाई शेख, बंडू देऊलकर, राहुल देवडे, उद्योगपति मधुसूदन टिपले, तुलसीदास लांजेवार और व्यवसायी सतीश सारडा शामिल थे।

कार्यक्रम का आयोजन जय हिंद सैनिक संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक चंद्रमोहन बोस, राष्ट्रीय अध्यक्ष पंजाबराव मुधाने और राष्ट्रीय सचिव जनार्दन जंगले के मार्गदर्शन में हुआ। संचालन डॉ. प्रवीण मुधोलकर ने किया और संस्था के तालुका अध्यक्ष प्रकाश पोहाणे ने आभार माना। इस मौके पर संस्था के चंद्रपुर जिला उपाध्यक्ष सागर कोहले, पदाधिकारी विजय वैद्य, गजानन उमरे, अशोक बावणे, सामाजिक कार्यकर्ता संजू राम, तुषार मर्दाने समेत संस्था के पदाधिकारी, सदस्य और नागरिक हाजिर थे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे