सेलू में घर से सोने के गहने और नकदी की चोरी, 12 घंटे में दो आरोपी अटक
वर्धा जिले के सेलू पुलिस स्टेशन के डी.बी. पथक ने केळझर की घरफोड़ी में दो आरोपियों को 12 घंटे के भीतर अटक किया और 185,550 रुपये का माल जब्त किया।
वर्धा जिले के सेलू तालुका में केळझर की एक घरफोड़ी का मामला पुलिस ने 12 घंटे के अंदर खोल लिया है। इस सिलसिले में दो आरोपियों को अटक किया गया है और चोरी गया पूरा माल, यानी 100 टक्के मुद्देमाल, रिकव्हर कर लिया गया है।
केळझर की रहने वाली फिर्यादी सौ. छाया विलास तडस ने 02/10/2026 को पुलिस स्टेशन सेलू में शिकायत दी। उनके मुताबिक 01/10/2026 को दिन में उनके रहते घर की लोहे की अलमारी का लॉक तोड़कर किसी अज्ञात चोर ने लॉकर में रखी सोने की पोत चुरा ली। इस पोत में सोने के मणी और एक सोने का पदक था, जिसकी अंदाजे कीमत 54,000 रुपये बताई गई है। इसके साथ 2000 रुपये नकद भी चोरी हुए। फिर्यादी के मौखिक रिपोर्ट पर पुलिस स्टेशन सेलू में गुन्हा दर्ज किया गया।
इस गुन्हे की जांच पुलिस स्टेशन सेलू के डी.बी. पथक के पो.हवा. अनिल केकतपुरे (ब.क्र. 323) कर रहे थे। उन्होंने और उनके डी.बी. पथक ने एक गोपनीय साक्षीदार से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक आरोपी रोशन संजयराव बोरेकर (उम्र 26 साल) और अभिनव किसनाजी देव्हारे को 12 घंटे के भीतर अटक किया गया। दोनों आरोपी वार्ड क्र. 4, केळझर, तालुका सेलू, जिला वर्धा के रहने वाले हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 185,550 रुपये का माल जब्त किया है। इसमें गुन्हा करने के लिए इस्तेमाल की गई काले रंग की पुरानी हीरो स्प्लेंडर मोटार सायकल (क्रमांक एम.एच.-32-ए डब्यु-2820) शामिल है। इसके अलावा एक पुराना REDMI 5G कंपनी का अँड्रॉईड मोबाइल फोन और एक पुराना Redmi कंपनी का अँड्रॉईड मोबाइल फोन भी जब्त हुआ। चोरी के 2000 रुपये नकद, 56 सोने के मणी (वजन 1.960 ग्राम) और एक सोने का पदक (वजन 3.090 ग्राम) भी बरामद हुए।
चोरी गया पूरा माल वापस मिलने और गुन्हा 12 घंटे में उघड़ने पर फिर्यादी ने पुलिस का आभार जताया है।
यह कार्यवाही वर्धा के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे और वर्धा के उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद मकेश्वर के मार्गदर्शन में हुई। इसे सहाय्यक पोलीस निरीक्षक पंकज वाघोडे, ठाणेदार पुलिस स्टेशन सेलू, पोउपनि विशाल नल्लावार और गुन्हे अन्वेषण पथक के पुलिस अंमलदार अनिल केकतपुरे, रामकिसन इप्पर, गजानन कमठाने, विनायक गोडे, ओमप्रकाश तल्लारी और लोकेश पवनकर ने अंजाम दिया।