सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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15:52 IST

त्योहारों में चीनी के दाम काबू में रहने के आसार, सरकार ने मिलों को दी खुली बिक्री की छूट

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को अक्टूबर में बनी चीनी अक्टूबर या नवंबर में बेचने की इजाज़त दी है।

त्योहारों में चीनी के दाम काबू में रहने के आसार, सरकार ने मिलों को दी खुली बिक्री की छूट तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पिछले कुछ महीनों से महंगाई इतनी बढ़ी है कि आम लोगों का बजट बिगड़ गया है। पिछले दो महीनों से रसोई की मिठास भी फीकी पड़ी है, और इसकी मुख्य वजह चीनी की कीमतें बताई गई हैं। अब सवाल यह है कि आने वाले त्योहारों में चीनी के दामों का क्या होगा।

त्योहारों के दौरान चीनी के दाम काबू में रहने की संभावना है। वजह यह है कि कीमतों पर लगाम रखने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। त्योहारों में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को इजाज़त दी है कि अक्टूबर में बनी चीनी वे अक्टूबर या नवंबर, दोनों महीनों में बेच सकती हैं।

बताया जा रहा है कि यह बिक्री दोनों महीनों के नियमित मासिक बिक्री कोटे के अलावा होगी। यानी बाज़ार में चीनी का बड़ा स्टॉक उपलब्ध होगा, और इसका सीधा असर कीमतों को काबू में रखने पर पड़ेगा।

चीनी का कोटा तय करने का तरीका यह है कि खाद्य मंत्रालय देश के भीतर बिक्री के लिए हर 15 दिन में कोटा तय करता है। अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए 1.3 दशलक्ष टन और दूसरे पखवाड़े के लिए 1.4 दशलक्ष टन का कोटा मंज़ूर किया गया था। सरकार ने जिस चीनी की बिक्री की इजाज़त दी है, वह इस तय कोटे के अलावा होगी। मंत्रालय ने नवंबर के लिए अभी कोटा तय नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों में सप्लाई बढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा।

इस फैसले का उद्योग संगठनों ने स्वागत किया है। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के अध्यक्ष प्रफुल्ल विठ्ठलानी ने कहा कि इससे त्योहारों के वक्त देश के बाज़ार में चीनी की सप्लाई बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि कई चीनी मिलों में तय वक्त से करीब एक महीने पहले ही इसी हफ्ते गन्ने की पेराई शुरू हो गई है। उनके मुताबिक बढ़ी हुई सप्लाई से देशभर में चीनी की उपलब्धता सुधरेगी और थोक व खुदरा, दोनों कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी।

देश के खुदरा बाज़ार में चीनी के भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। लेकिन सरकार ने बाद में कोटा और स्टॉक तय करने के लिए ज़्यादा सख्त नियम लागू किए, जिससे कीमतें जल्द ही काबू में आ गईं। इतना ही नहीं, देश के बाज़ार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने गन्ना पेराई का सीज़न भी एक महीना पहले शुरू कर दिया। इस पूरी योजना के बाद उम्मीद है कि सरकार चीनी की कीमतों को काबू में रखने में कामयाब होगी।

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