ट्रम्प की "काम फत्ते" धमकी पर ईरान का जवाब, अराघची बोले- हमारा भी काम बाकी है
ट्रम्प के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पलटवार किया, जबकि अमेरिकी दूतावासों ने मध्य पूर्व में रह रहे और सफर करने वाले नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया।
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मध्य पूर्व का माहौल एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती खींचतान के बीच अमेरिकी प्रशासन ने मध्य पूर्व में रहने वाले और वहां सफर करने वाले अपने सभी नागरिकों के लिए अहम सुरक्षा चेतावनी जारी की है।
यह सूचना 18 अक्टूबर को अम्मान (जॉर्डन) के अमेरिकी दूतावास समेत मध्य पूर्व के कई दूतावासों की तरफ से जारी हुई। इसमें नागरिकों से कहा गया है कि वे बहुत सतर्क रहें और आपात हालत में सफर की योजना पहले से तैयार रखें।
अमेरिकी प्रशासन की सूचना के मुताबिक ईरान और तेहरान का समर्थन करने वाले गुट विदेशों में मौजूद अमेरिकी हितों को सीधे निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिका से जुड़ी कारोबारी संस्थाएं, फौजी या कूटनीतिक ठिकाने और अमेरिकी नागरिक शामिल हैं।
इस तनाव की वजह से आने वाले दिनों में मध्य पूर्व का अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद हो सकता है, कई फ्लाइटें रद्द हो सकती हैं और आवाजाही में बड़ी रुकावट आने की पूरी संभावना बनी है। इसलिए दूतावास ने मुसाफिरों को सलाह दी है कि वे एयरलाइनों के लगातार संपर्क में रहें।
सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन के 18 अक्टूबर के अलर्ट में कहा गया कि ईरान समर्थित हूती सऊदी अरब के खिलाफ लड़ाई में शामिल रहे हैं। इसमें नागरिक हवाई अड्डों और दूसरे अहम ढांचों पर हमले हुए, जिनमें आम लोग हताहत हुए और सफर में भारी रुकावट आई। अलर्ट के मुताबिक यह लड़ाई उस इलाके से आगे भी तेजी से बढ़ सकती है।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी की जंग है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खुला समर्थन देते हुए ईरान को सख्त चेतावनी दी थी। ट्रुथ सोशल पर ट्रम्प ने कहा था कि अगर तेहरान ने अपना आक्रामक रवैया और नीति फौरन नहीं बदली, तो अमेरिका और उसके दोस्त देश जल्द ही "काम फत्ते" कर देंगे (Finish the Job)।
अमेरिकी फौजी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पेंटागन ने ईरान पर संभावित कार्रवाई के लिए कई फौजी विकल्प तैयार रखे हैं। इनमें बेहद घातक माने जाने वाले 'GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट' (MOAB, Mother of All Bombs) का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है। अमेरिका के चुनाव और इजरायल के सियासी हालात को देखते हुए ट्रम्प प्रशासन की तरफ से यह चेतावनी और तीखे ढंग से दी गई है।
ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अमेरिकी चेतावनी का करारा जवाब दिया। अराघची ने लिखा, "पिछली बार जब आप 'काम फत्ते' करना चाहते थे, तब ईरान पहले से ज्यादा मजबूत होकर निकला था। आप फिर से किस्मत आजमाना चाहते हैं तो जरूर कोशिश करें। लेकिन याद रखें, हमारा भी कुछ काम अधूरा रह गया है!"
अराघची ने नेतन्याहू पर गंभीर इल्जाम भी लगाए। ईरानी विदेश मंत्री का दावा है कि नेतन्याहू खुद को जेल जाने से बचाने और अपने सियासी वजूद के लिए अमेरिका को ईरान के साथ एक और तबाही वाली जंग में धकेल रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने कोई भी फौजी दुस्साहस किया तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा।
अमेरिका और ईरान के इस सीधे टकराव का असर अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहा, पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी पर दिख रहा है। जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब जैसे मध्य पूर्व के अहम देशों में अमेरिकी दूतावासों के अलर्ट जारी करने से अंतरराष्ट्रीय मुसाफिरों में घबराहट है।
कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने मध्य पूर्व में अपने रूट की समीक्षा शुरू कर दी है। हालात बिगड़े तो ईंधन की सप्लाई, कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम और दुनिया के शेयर बाजारों पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर वॉशिंगटन और तेहरान से आने वाले अगले आधिकारिक कदमों और बयानों पर टिकी है।