TRAI का नया नियम: 21 अक्टूबर से आएंगे सिर्फ कॉल-SMS वाले सस्ते रिचार्ज प्लान
जो लोग फोन में इंटरनेट इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए TRAI ने जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को डेटा-फ्री प्लान लाने का आदेश दिया है।
जिन लोगों को फोन पर इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन फिर भी महंगे डेटा वाले रिचार्ज करवाने पड़ते हैं, उनके लिए राहत की खबर आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने लाखों फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों, बुजुर्गों और गांव-देहात में रहने वाले लोगों की परेशानी को गंभीरता से लिया है। TRAI ने एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया (Vi) जैसी सभी टेलीकॉम कंपनियों को एक सख्त आदेश जारी किया है।
इस आदेश के मुताबिक, 21 अक्टूबर से सभी कंपनियों को ऐसे प्लान लाना अनिवार्य होगा जिनमें सिर्फ वॉइस कॉलिंग और SMS शामिल हो। ये प्लान पूरी तरह डेटा से मुक्त होंगे, ताकि ग्राहकों को बेवजह इंटरनेट का चार्ज न देना पड़े।
TRAI ने इस नए नियम में ग्राहकों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा है। कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले नॉर्मल डेटा प्लान जितनी ही वैलिडिटी के वॉइस और SMS प्लान भी दें। इसके अलावा, ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक नॉन-डेटा प्लान देना भी जरूरी होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि ये प्लान हर महीने उसी तारीख को रिन्यू होंगे।
मतलब अगर आपने महीने की 10 तारीख को रिचार्ज कराया, तो वह अगले महीने की 10 तारीख को ही खत्म होगा। अगर वह तारीख किसी खास महीने में नहीं आती, जैसे 31 तारीख, तो प्लान उस महीने के आखिरी दिन रिन्यू हो जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस स्कीम से ग्राहकों की जेब पर कितना असर पड़ेगा। TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए कोई तय फॉर्मूला नहीं दिया है, लेकिन साफ कहा है कि डेटा हटाने के बाद रेट में उचित कमी होनी चाहिए। रेगुलेटर ने कंपनियों को सुझाव दिया है कि वे अपने प्रति जीबी औसत रेवेन्यू यानी ARPU के आधार पर रेट तय करें।
TRAI के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में टेलीकॉम कंपनियां प्रति जीबी डेटा पर औसतन 9.11 कमा रही थीं, जो मार्च 2026 तक घटकर 7.51 रह गई है। वहीं इस दौरान लोगों का औसत कुल बिल 183 से बढ़कर 196.04 हो गया है, क्योंकि लोग अब पहले से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह नियम अचानक नहीं आया है, इसके पीछे एक पुरानी कहानी है। दिसंबर 2024 में TRAI ने कंपनियों से कहा था कि वे 365 दिन की वैलिडिटी वाला कम से कम एक ऐसा खास वाउचर लाएं, जिसमें सिर्फ कॉलिंग शामिल हो। मकसद यह था कि जिन्हें डेटा की जरूरत नहीं, उनकी मदद हो। लेकिन कंपनियों ने इस नियम को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने प्लान तो लाए, पर उनकी वैलिडिटी 80-84 दिन या फिर पूरे 365 दिन रख दी।
कम अवधि के प्लान बाजार में थे ही नहीं। इसके अलावा, डेटा हटाने के बावजूद दाम में कोई खास कमी नहीं आई। लोगों के विरोध और शिकायत के बाद ही कंपनियों ने कीमतों में थोड़ी-बहुत कटौती की।
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