पुलिस कस्टडी में मौत पर परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवज़ा, मंत्रिमंडल ने नीति को दी मंज़ूरी
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने कस्टडी में मारपीट, प्रताड़ना या दबाव से मौत साबित होने पर करीबी रिश्तेदारों को 5 लाख रुपये देने की नीति को मंज़ूरी दी।
महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामलों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। मंगलवार को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसी बैठक में इस बारे में बनी नीति को मंज़ूरी दी गई।
फैसले के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति पुलिस कस्टडी में था और यह साबित हो जाता है कि पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की मारपीट, प्रताड़ना या डाले गए दबाव की वजह से उसकी मौत हुई, तो उसके करीबी रिश्तेदारों को 5 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा। यानी जिस व्यक्ति की मौत हुई, उसके सबसे नज़दीकी रिश्तेदार इस रकम के हकदार होंगे।
यानी मुआवज़ा तभी मिलेगा जब यह साबित हो कि मौत पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की मारपीट, प्रताड़ना या दबाव से हुई। सिर्फ कस्टडी में मौत हो जाना इसके लिए काफी नहीं होगा। यह शर्त नीति का हिस्सा है, और मुआवज़ा पाने के लिए इसका पूरा होना ज़रूरी बताया गया है।
इस फैसले से ऐसे मामलों में मृतक के परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद मिलने का रास्ता खुल गया है। मुआवज़े की रकम 5 लाख रुपये तय की गई है। यानी अब ऐसे परिवारों को सरकार की तरफ से तय रकम मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में इस फैसले की जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक सरकार ने इसके लिए अलग नीति को मंज़ूरी दी है। पुलिस कस्टडी में मौत के गंभीर मामलों में परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रावधान इसमें किया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में नीति के तहत यही तय हुआ कि कस्टडी में किसी की मौत के पीछे मारपीट, प्रताड़ना या दबाव की वजह साबित होने पर मुआवज़ा दिया जाएगा। इस तरह के मामलों में मृतक के परिजनों को अब सरकार से आर्थिक मदद मिल सकेगी। बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई थी और फैसला उसी में लिया गया।