Microsoft के मुताबिक उत्तर कोरिया के हैकर हमलों में AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं
Microsoft Security के मुताबिक उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूह अपने हमलों में AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। इसका मतलब है कि ठगी और हमले तेज़ और ज़्यादा सफ़ाई से हो सकते हैं।
Microsoft की Threat Intelligence टीम साइबर हमलावरों पर नज़र रखती है। टीम ने बताया है कि उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूह अब अपने कामों में AI का इस्तेमाल पहले से ज़्यादा कर रहे हैं।
Microsoft के मुताबिक सभी समूह AI को एक जैसे स्तर पर नहीं अपना रहे। कोई थोड़ा इस्तेमाल कर रहा है, तो कोई काफ़ी ज़्यादा। कंपनी का कहना है कि यह एक बड़े चलन का हिस्सा है, जिसमें दुनिया भर के हमलावर AI को अपने हमलों की पूरी कड़ी में जोड़ रहे हैं।
आसान शब्दों में, हैकर AI की मदद से अपना काम जल्दी और कम मेहनत में करना चाहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यह चलन हमलों की रफ़्तार और असर बढ़ाने के लिए है।
किस समूह ने AI को किस काम में लगाया, इसकी पूरी जानकारी Microsoft की मूल रिपोर्ट में है।
आपके लिए इसका मतलब
हैकर AI से तेज़ और ज़्यादा भरोसेमंद दिखने वाले हमले कर सकते हैं, इसलिए किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या कॉल पर सोच-समझकर भरोसा करना और ज़रूरी हो गया है। रिपोर्ट में भारत के किसी ख़ास असर का ज़िक्र नहीं है।
आप क्या करें
- अनजान लिंक या फ़ाइल पर क्लिक न करें, चाहे मैसेज कितना भी असली लगे।
- अपने अकाउंट में टू-स्टेप लॉगिन चालू रखें।
- फ़ोन और ऐप समय पर अपडेट करें।
- ठगी हो जाए तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
ये शब्द समझ लें
- Threat Intelligence
- साइबर ख़तरों और हैकरों के तरीकों पर नज़र रखने और उनकी जानकारी जुटाने का काम।
- AI
- ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम जो इंसान की तरह लिख, समझ और फ़ैसले ले सकता है।
यह खबर PT24 ने AI की सहायता से, स्रोत की रिपोर्ट के आधार पर अपने शब्दों में समझाई है। स्रोत के अपने शब्द नीचे बिना बदलाव के हैं।
मूल शीर्षक: Tracking AI adoption in North Korean threat actor tradecraft
Microsoft Security publishes this report on its own site.
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