टोल प्लाजा के पास रहने वालों को सालभर का पास, 1500 या 3000 रुपये में
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag Annual Pass के नियम बदले हैं। स्थानीय निजी गाड़ी वालों के लिए बदलाव आज से लागू है।
रोज टोल नाके से गुजरने वाले निजी गाड़ी मालिकों के लिए काम की खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag Annual Pass के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को मिलेगा।
नए नियम के मुताबिक अब स्थानीय लोगों को हर दिन टोल भरने की झंझट से छुट्टी मिल जाएगी। ऐसे गाड़ी मालिक सिर्फ 1500 या 3000 रुपये में पूरे साल का टोल पास बनवा सकेंगे। यह नियम आज से ही लागू हो गया है। पास की फीस टोल प्लाजा की लोकेशन पर तय होगी और इस खास सालाना पास के लिए कुछ शर्तें पूरी करना जरूरी है।
अब फीस की बात। अगर टोल प्लाजा नगरपालिका या शहर की हद के बाहर है, तो पात्र स्थानीय गाड़ियों के लिए सालाना पास 1500 रुपये का होगा। और अगर टोल प्लाजा नगरपालिका या शहर की हद के अंदर आता है, तो 3000 रुपये सालाना देने होंगे। पास बन जाने के बाद हर बार टोल नाके से निकलते वक्त अलग से पैसे देने की जरूरत नहीं रहेगी। केंद्र सरकार हर साल 1 अप्रैल को इस फीस की समीक्षा करेगी।
पास किसे मिलेगा, यह भी जान लीजिए। गाड़ी मालिक का घर या रहने का पता संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में होना जरूरी है। पास सिर्फ कार, जीप और वैन जैसी गाड़ियों के लिए है, जो निजी यानी नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड हों। गाड़ी पर चालू और वैध FASTag लगा होना भी जरूरी है।
सफर की भी हद तय है। इस पास से एक साल में 200 बार टोल नाका पार करने की छूट मिलेगी। एक ही टोल प्लाजा से एक तरफ जाना और वापस आना, दोनों को अलग-अलग दो ट्रिप गिना जाएगा। यह पास सिर्फ उसी टोल प्लाजा पर चलेगा, जिसके लिए बनवाया गया है।
कुछ गाड़ियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। किसी भी तरह की कमर्शियल गाड़ी को यह सुविधा या पास नहीं मिलेगा। देश के हर टोल प्लाजा पर यह नियम लागू भी नहीं होगा। जहां टोल वसूली का अलग इंतजाम है, या जहां टोल से बचने के लिए दूसरा रास्ता या सर्विस रोड मौजूद है, वहां स्थानीय पास की सुविधा नहीं मिलेगी।
रोज के सफर में बार-बार टोल देने वाले स्थानीय लोगों के लिए यह सालाना पास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। फिर भी गाड़ी मालिकों को चाहिए कि अपने सफर के हिसाब से मंथली पास और सालाना पास के खर्च की ठीक से तुलना कर लें, और उसके बाद ही अपने लिए सही विकल्प चुनें।
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