तीन महीने से मानधन अटका, दिवाली से पहले तिरोडा के संगणक परिचालकों ने उठाई आवाज
तिरोडा तालुका के ग्राम पंचायत संगणक परिचालकों ने दिवाली से पहले बकाया मानधन की मांग की है।
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दिवाली सिर पर है और तिरोडा तालुका के ग्राम पंचायत संगणक परिचालकों पर पैसों का संकट आ गया है। ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन कामकाज, अलग-अलग सरकारी योजनाओं पर अमल और लोगों को ऑनलाइन सेवाएं देने में ये परिचालक अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन पिछले तीन महीने से उनका मानदेय अटका पड़ा है। इस वजह से तालुका के परिचालकों में भारी नाराजगी है।
सरकारी काम चालू रखने के लिए इंटरनेट का खर्च भी उन्हें अपनी जेब से करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों का ऑनलाइन काम बंद न पड़े और गांव के लोगों को परेशानी न हो, इसलिए परिचालक अपने पैसों से मोबाइल रिचार्ज और ब्रॉडबैंड का खर्च उठा रहे हैं। इस खर्च का बिल भी वक्त पर नहीं मिल रहा, जिससे उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
बकाया मानदेय, इंटरनेट का बिल और बाकी अटके हुए भत्ते दिवाली से पहले दिए जाएं, इस मांग को लेकर महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत संगणक परिचालक संगठन की ओर से गोंदिया जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और तिरोडा पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी को निवेदन सौंपा गया है।
संगठन ने निवेदन में बताया है कि ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन काम, अलग-अलग प्रमाणपत्र बांटने और सरकारी योजनाओं से जुड़े काम की अहम जिम्मेदारी परिचालक संभालते हैं। फिर भी पिछले तीन से चार महीने से कई परिचालकों को मानदेय नहीं मिला है। संगठन का दावा है कि कुछ कर्मचारियों का मानदेय तकनीकी दिक्कतों की वजह से साल भर से अटका हुआ है। एक तरफ मानदेय रुका है और दूसरी तरफ रोज का काम चलाते रहने की जिम्मेदारी भी है, इसलिए परिचालक तंगी में हैं।
दिवाली खुशी और उत्साह का त्योहार है, पर मानदेय न मिलने से परिचालकों के परिवारों पर चिंता छाई है। घर का खर्च, बच्चों के कपड़े, दिवाली के पकवान और दूसरे जरूरी खर्च निपटाने में उन्हें मुश्किल हो रही है। इसीलिए परिचालकों ने मांग की है कि बकाया मानदेय दिवाली से पहले मिल जाए।
संगठन ने प्रशासन से ये मांगें की हैं: पिछले तीन महीने का बकाया मानदेय तुरंत जमा किया जाए; तकनीकी दिक्कतों की वजह से साल भर से अटका मानदेय फौरन दिया जाए; सरकारी कामकाज के लिए इस्तेमाल हुए इंटरनेट का बकाया बिल चुकाया जाए; और परिचालकों के बाकी अटके भत्ते दिवाली से पहले दिए जाएं।
संगठन का कहना है कि ग्राम पंचायतों का काम सुचारू रखने के लिए परिचालक नियमित काम करते हैं, इसलिए प्रशासन उनकी अटकी हुई आर्थिक मांगों पर ध्यान देकर तुरंत कार्रवाई करे। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि 26 अक्टूबर तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 अक्टूबर को राज्य संगठन के तय आंदोलन में शामिल होकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
इस निवेदन पर महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत संगणक परिचालक संगठन के तिरोडा तालुका अध्यक्ष कमलेश सुरजलाल अनवादे, उपाध्यक्ष वैशाली तिडके, सचिव कैलास केवट, राज्य सदस्य टोलीराम नेरकर, प्रकाश पटले, नंदकिशोर पटले, रीना राऊत, उमेश मेश्राम, शैलेश नागपुरे, दिनेश पटले, धनेंद्र सूर्यवंशी, हेमंत ऊके, मनोज हरीणखेडे, निकेश कटरे और उर्मिला राहंगडले के नाम हैं। संगठन के बाकी पदाधिकारी और संगणक परिचालक भी मौजूद थे।
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