ठाणे के येऊर में बंगले की हैलोवीन पार्टी पर पुलिस का छापा, 70 से ज्यादा युवक-युवतियां हिरासत में
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वर्तक नगर पुलिस ने येऊर के वनक्षेत्र में एक बंगले में चल रही हैलोवीन पार्टी पर छापा मारा। वनविभाग के कर्मचारियों पर 6000 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप भी लग रहा है।
ठाणे के येऊर इलाके में एक आलीशान बंगले में चल रही हाईप्रोफाइल "हैलोवीन पार्टी" पर वर्तक नगर पुलिस ने छापा मारा है। येऊर को हरा-भरा और संवेदनशील वनक्षेत्र माना जाता है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ठाणे में हड़कंप मच गया।
सामने आया कि पार्टी में 70 से ज्यादा युवक-युवतियां मौजूद थे और वे गैरकानूनी तरीके से शराब पी रहे थे और ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह पार्टी येऊर के आश्रम रोड पर "लायन्स पार्क" परिसर में सुरेश गडा के बंगले में रखी गई थी। पार्टी में घुसने के लिए हर व्यक्ति से 1500 रुपये एंट्री फीस ली गई थी। आरोप है कि इस तरह की पार्टियों के लिए सुरेश गडा आयोजकों से 50 हजार से 1 लाख रुपये तक किराया वसूलते हैं। पार्टी के नाम पर वनक्षेत्र में बड़े पैमाने पर शराब और प्रतिबंधित ई-सिगरेट का इस्तेमाल हो रहा था।
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू वनविभाग की भूमिका है। येऊर के मुख्य गेट पर वनविभाग की चेकपोस्ट है और वहां तैनात कर्मचारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लग रहा है। आरोप है कि पार्टी के आयोजक ने इन कर्मचारियों को 6000 रुपये की रिश्वत दी।
चर्चा है कि जब पूछा गया कि पार्टी के लिए किसी आधिकारिक इजाजत की जरूरत है या नहीं, तो वनविभाग के कर्मचारियों ने कहा, "यह हमारा इलाका है, यहां किसी की इजाजत की जरूरत नहीं।" इसी के साथ उन्होंने 6000 रुपये ले लिए। अब जांच का बड़ा सवाल यह है कि यह रकम रसीद काटकर जमा की गई थी या सीधे रिश्वत के तौर पर ली गई।
जानकारी मिलते ही वर्तक नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी फौरन मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौजूद सभी युवाओं को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस आयोजक, बंगले के मालिक और पार्टी में आए युवाओं से सख्ती से पूछताछ कर रही है। वनविभाग के जिन कर्मचारियों पर शक है, उनसे भी पूछताछ होने की संभावना है।
इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या आरक्षित वनक्षेत्र में देर रात तक चलने वाली ऐसी पार्टियों के लिए सही इजाजत ली गई थी? क्या वनविभाग के अधिकारियों ने सचमुच 6000 रुपये की रिश्वत लेकर गैरकानूनी पार्टी को छूट दी? पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाके में शराब, प्रतिबंधित ई-सिगरेट और तेज आवाज में म्यूजिक के लिए कौन जिम्मेदार है? और वनक्षेत्र के कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर क्या बंगले के मालिक सुरेश गडा पर कानूनी कार्रवाई होगी?
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