ठाकरे गुट को बड़ा झटका, कळमनुरी के पूर्व विधायक डॉ. संतोष टारफे कई पदाधिकारियों के साथ शिंदे की शिवसेना में
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हिंगोली जिले में ठाकरे गुट को राजनीतिक झटका लगा है। कळमनुरी के पूर्व विधायक डॉ. संतोष टारफे ने मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया।
मुंबई में हुए पार्टी प्रवेश कार्यक्रम में कळमनुरी के पूर्व विधायक डॉ. संतोष टारफे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया। पिछले कुछ दिनों से राजनीति में अलग अलग घटनाक्रम चल रहे हैं, और इसी बीच हिंगोली जिले में बाळासाहेब ठाकरे की शिवसेना यानी ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
डॉ. टारफे अकेले नहीं गए। उनके साथ ठाकरे गुट के जिला प्रमुख गोपू पाटील, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष गणाजी बेले और पूर्व नगराध्यक्ष नंदकिशोर तोष्णीवाल ने भी शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया। इनके अलावा कई और पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना का भगवा थाम लिया। इस मौके पर विधायक संतोष बांगर भी मौजूद थे।
इस पार्टी प्रवेश से हिंगोली जिले में शिंदे की शिवसेना की संगठनात्मक ताकत बढ़ने की बात मानी जा रही है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में इस घटनाक्रम को खास अहमियत मिल रही है।
पार्टी में शामिल हुए सभी लोगों का स्वागत करते हुए एकनाथ शिंदे ने आदिवासी समाज की तरक्की के लिए हर जरूरी मदद का भरोसा दिया। शिंदे ने कहा, "समाज का काम करो, शिवसेना का काम करो। आपके विकास कामों और सामाजिक तरक्की के लिए शिवसेना हमेशा आपके साथ खड़ी रहेगी। किसी चीज की कमी नहीं होने देंगे।"
शिंदे ने हिंगोली के अधूरे विकास कामों और बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने जल्द ही हिंगोली में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की अपील की और कहा कि वे खुद उसमें मौजूद रहेंगे।
कुल मिलाकर, कळमनुरी के पूर्व विधायक डॉ. संतोष टारफे के साथ ठाकरे गुट के जिला प्रमुख, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और पूर्व नगराध्यक्ष जैसे नाम शिंदे की शिवसेना में आए हैं। यह प्रवेश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में हुआ।
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