नासिक के कारखानों को ताइवान से जोड़ने के लिए भारत-ताइवान बी2बी विक्रेता परिषद हुई
नासिक के उद्योगों को ताइवान के बाजार से जोड़ने के लिए भारत-ताइवान बी-टू-बी विक्रेता विकास परिषद हुई।
नासिक के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को दुनिया के बाजार से जोड़ने के मकसद से भारत-ताइवान बी-टू-बी विक्रेता विकास परिषद का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का विषय था "जोड़ें, सहयोग करें और विकास करें"। इसमें खास जोर इस बात पर रहा कि नासिक की स्थानीय निर्माण क्षमता को ताइवान की बाजार जरूरतों के साथ कैसे जोड़ा जाए।
यह कार्यक्रम आइमा, निमा, लघु उद्योग भारती और स्टार टेक अलायंस ने मिलकर कराया। ताइवान के प्रतिनिधि हेनरी, आइमा के अध्यक्ष राजेंद्र पानसरे, निमा के अध्यक्ष आशिष नहार और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष नितिन धागे समेत कई बड़े उद्यमी इसमें मौजूद रहे।
परिषदों के दौरान प्रिसिजन रोबोटिक्स, मेडिकल डिवाइस, एयरोस्पेस, ड्रोन तकनीक और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर बात हुई। ताइवान के हेनरी ने कहा कि वहां की कंपनियों को भरोसेमंद और अच्छी क्वालिटी के पुर्जे बनाने वाले निर्माता चाहिए, और इसमें नासिक के उद्योग अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आइमा अध्यक्ष राजेंद्र पानसरे और निमा अध्यक्ष आशिष नहार ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी क्षमता को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित न रखें। उन्हें ग्लोबल क्वालिटी और मानकों के हिसाब से आगे बढ़ाएं। इस पहल से नासिक के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को नई तकनीक, नए ग्राहक और निर्यात बढ़ाने के अच्छे मौके मिलेंगे।
इस पहल से नासिक के औद्योगिक क्षेत्र में तकनीक को बेहतर करने और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। स्थानीय कंपनियां ताइवान की फर्मों से सीधे बात करेंगी, तो उन्हें उत्पादन क्षमता, क्वालिटी के मानकों और आधुनिक तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा।
इसके साथ ही संयुक्त उपक्रम, तकनीकी सहयोग और लंबे समय के सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट के जरिए नासिक के उद्योग नए बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकते हैं। आयोजकों का जोर इसी बात पर रहा कि स्थानीय निर्माता ताइवान की जरूरतों को समझें और उसी हिसाब से खुद को तैयार करें।