सोना MCX पर 1,38,975 रुपये प्रति 10 ग्राम, जनवरी के रिकॉर्ड से काफी नीचे
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दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को सराफा बाजार खुला। MCX पर सोने में तेजी दिखी, पर दाम जनवरी के ऊंचे स्तर से काफी नीचे हैं।
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को सराफा बाजार फिर खुला। सोना खरीदने वालों के लिए खबर यह है कि पिछले सत्रों की गिरावट के बाद आज कीमतों में फिर बढ़त के संकेत दिख रहे हैं।
मल्टि कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज की शुरुआती कारोबार में चौबीस कैरेट सोने का वायदा भाव 0.35 प्रतिशत चढ़ा। यानी 490 रुपये की बढ़त के साथ यह 1,38,975 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में यही भाव 1,38,485 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
बुलियन्स के आंकड़ों के मुताबिक चौबीस कैरेट सोने का भाव 1,39,310 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3,912.00 डॉलर प्रति औंस दर्ज हुई है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ की जानकारी के अनुसार, राजधानी दिल्ली में सभी तरह के टैक्स और शुल्क मिलाकर सोने का भाव गिरकर 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
IBJA के रेट देखें तो 24 कैरेट सोना सुबह 137772 रुपये और शाम को 137524 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 22 कैरेट का दाम सुबह 126199 और शाम को 125990 रहा। 18 कैरेट का दाम सुबह 103329 और शाम को 103158 रहा। 14 कैरेट का दाम सुबह 80597 और शाम को 80463 रहा। ये सारे दाम प्रति 10 ग्राम के हैं।
शहरों की बात करें तो मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली, जलगांव और छ. संभाजीनगर, हर जगह 24 कैरेट सोने का आज का दाम 139370 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
गिरावट की वजह क्या है? बताया गया है कि इसके पीछे मुख्य रूप से दुनिया भर की आर्थिक वजहें और नीतियों में बदलाव हैं। कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं और महंगाई की चिंता भी है। इस वजह से अमेरिका के फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों का रुख और सख्त, यानी 'हॉकिश' हो गया है। सोने और चांदी पर कोई ब्याज या नियमित रिटर्न नहीं मिलता। फेडरल रिजर्व से ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने के संकेत मिले हैं, इसलिए निवेशकों ने सोने जैसी संपत्ति से पैसा निकालकर ज्यादा ब्याज देने वाले साधनों में लगाना शुरू कर दिया है।
टेक शेयरों की गिरावट का भी असर पड़ा है। दुनिया के शेयर बाजारों में टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयर काफी गिरे। इससे कई बड़े निवेशकों को अपना घाटा पूरा करने और नकद (Cash) जुटाने के लिए सोना-चांदी बड़े पैमाने पर बेचना पड़ा। दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता चीन है और वहां के निवेशकों ने भी नकदी के लिए काफी सोना बेचा। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों में नहीं, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में भी होता है। औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने से चांदी में सोने से ज्यादा बिकवाली दिखी।
ऑल-टाइम हाई से दाम कितने नीचे आए हैं? इस अचानक आई मंदी से साल की शुरुआत के ऊंचे रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं। इसी साल जनवरी में चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी। वहां से अब चांदी 50 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुकी है। 2025 में चांदी ने करीब 170 प्रतिशत रिटर्न दिया था। जनवरी 2026 में सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के शिखर पर था। उस ऊंचाई से सोना अब 42,321 रुपये नीचे है और मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर 1,40,054 रुपये पर आ गई है।
क्या घरेलू बाजार में सोने-चांदी की चमक लौटेगी? कीमतों में बड़ा फर्क और दुनिया भर में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार के लिए आने वाला वक्त राहत वाला हो सकता है। नवंबर में त्योहार हैं, 6 नवंबर को धनतेरस है, उसके बाद दिवाली और शादियों का सीजन आएगा। इन्हें देखते हुए देश में असली सोने और गहनों की मांग में बड़ी बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा रहा है। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अब भी सोना खरीद रहे हैं, इससे इन धातुओं को मजबूत सहारा मिल रहा है। जानकारों के मुताबिक, फौरी झटकों के बाद घरेलू और औद्योगिक मांग के दम पर कीमती धातुएं फिर संभल सकती हैं।
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