महाराष्ट्र के बंदरगाह क्षेत्र में 76 हजार करोड़ रुपये के करार, राणे ने निवेशकों को बुलाया
मुंबई में मैरिटाइम इंडिया कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर मंत्री नितेश राणे ने कहा कि बंदर, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में निवेश के बड़े मौके हैं।
मुंबई : मत्स्य व्यवसाय और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने दुनिया भर के निवेशकों से अपील की है कि वे महाराष्ट्र आएं, यहां उद्योग खड़े करें और वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में भारत की तरक्की के साझेदार बनें। उन्होंने यह बात फिक्की के मंच से कही। राणे के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में महाराष्ट्र बंदरगाह, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की अपनी ताकत को दुनिया के स्तर पर फैलाने की तरफ बढ़ रहा है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी फिक्की की तरफ से चौथी मैरिटाइम इंडिया कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो का आयोजन गोरेगांव के नेस्को में 2 से 4 नवंबर 2026 तक किया गया है। इसका उद्घाटन नितेश राणे के हाथों हुआ। इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र के पोर्ट और मैरिटाइम सेक्टर में निवेश के अलग-अलग मौकों, बुनियादी सुविधाओं के विकास और इस क्षेत्र की आगे की योजनाओं पर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में फिक्की के अध्यक्ष विजय शंकर, ध्रुव गौतम, कैप्टन अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के गौरव दयाल, नीदरलैंड के जेरीवेल हेल्डन, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक विनेश त्यागी, ओडिशा के कॉमर्स और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव एन बी एच राजपूत और महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप बी मौजूद थे।
राणे ने कहा कि महाराष्ट्र के पास लंबा समुद्रतट है, कुदरती बंदरगाह हैं, मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा है और निर्यात के लिए अच्छा इंतजाम भी है। इन वजहों से राज्य बंदरगाह उद्योग का एक अहम केंद्र बन सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य के मैरिटाइम सेक्टर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और इस क्षेत्र में पूरे 76 हजार करोड़ रुपये के निवेश करार हो चुके हैं।
मंत्री के अनुसार बंदरगाह, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के मौकों को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए 'वन विंडो क्लियरेंस' जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ऐसा उन्होंने कहा।
राणे ने बताया कि राज्य के समुद्री क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए मुंबई वॉटर मेट्रो जैसे जल परिवहन की नई सोच पर काम हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुंबई वॉटर मेट्रो दुनिया का सबसे बड़ा जल परिवहन बनेगी। उनके मुताबिक बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स का दायरा फैलाने और निर्यात को बढ़ावा देने के जरिए महाराष्ट्र के मैरिटाइम सेक्टर को नई दिशा देने की कोशिश चल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की कुदरती भौगोलिक ताकत के साथ औद्योगिक क्षमता और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को जोड़कर बंदरगाह और मैरिटाइम सेक्टर में निवेश के मौके और बड़े किए जा रहे हैं। राणे ने वैश्विक निवेशकों से कहा कि वे महाराष्ट्र में उपलब्ध मौकों का फायदा उठाएं और बंदरगाह के साथ जहाज बनाने और उनकी मरम्मत के क्षेत्र में भी उद्योग लगाएं।
राणे ने कहा कि अमृतकाल में भारत की समुद्री क्षमता बढ़ाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में महाराष्ट्र का योगदान अहम रहेगा। इस क्षेत्र में निवेश से सिर्फ उद्योगों का विस्तार नहीं होगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र को देश का अग्रणी मैरिटाइम और समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने की दिशा में यह समिट निश्चित तौर पर अहम साबित होगी।
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