गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:37 IST

गोंदिया में पवित्र पोर्टल पर हिंदी स्कूलों को मराठी माध्यम दिखाया, टीईटी उम्मीदवारों का हंगामा

गोंदिया जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने पवित्र पोर्टल पर हिंदी माध्यम के स्कूलों को गलती से मराठी माध्यम में दर्ज कर दिया, जिससे हिंदी माध्यम के टीईटी पात्र उम्मीदवारों की करीब 95 सीटें कम हो गईं। पीड़ितों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

गोंदिया में पवित्र पोर्टल पर हिंदी स्कूलों को मराठी माध्यम दिखाया, टीईटी उम्मीदवारों का हंगामा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गोंदिया जिले में टीईटी पात्र उम्मीदवारों की शिक्षक पद पर भर्ती राज्य के पवित्र पोर्टल के जरिए हो रही है। लेकिन गोंदिया जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने इस पोर्टल पर हिंदी माध्यम के स्कूलों को मराठी माध्यम बताकर दर्ज कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि हिंदी माध्यम की स्कूलों की खाली सीटों पर पवित्र पोर्टल के जरिए मराठी माध्यम के उम्मीदवारों को मौका मिल गया। पीड़ित उम्मीदवारों का कहना है कि इस गलती से हिंदी माध्यम के टीईटी पात्रताधारक उम्मीदवारों पर सरासर अन्याय हुआ है। इस मामले को लेकर मंत्रालय स्तर तक पैरवी चल रही है और पीड़ितों ने आगे कोर्ट जाने की तैयारी भी दिखाई है।

दरअसल पवित्र पोर्टल के जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती चल रही है। इस पोर्टल में सभी जिला परिषद संस्थाओं से जिले के स्कूलों में खाली पदों की जानकारी मांगी गई थी। सही और प्रमाणित जानकारी अपलोड करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की थी। लेकिन गोंदिया के शिक्षा विभाग ने सारे नियम ताक पर रखकर हिंदी माध्यम की स्कूलों को मराठी माध्यम में दिखा दिया। इस वजह से हिंदी माध्यम की करीब 95 सीटें कम हो गईं। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने टीईटी पात्रताधारक उम्मीदवारों का शिक्षक पद पर चयन भी कर दिया।

उपलब्ध सीटों के हिसाब से राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने चयन सूची भी जारी कर दी। गोंदिया जिले में हिंदी माध्यम की स्कूलें मराठी दिखाई गई होने से उन सीटों पर मराठी और बंगाली माध्यम के उम्मीदवारों को शिक्षक के तौर पर मौका मिल गया। इससे हिंदी माध्यम के पात्र उम्मीदवारों पर अन्याय हुआ, ऐसा आरोप 16 तारीख को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ितों ने लगाया। इस बारे में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और शिक्षणाधिकारी को निवेदन भी दिया गया। इसी दौरान शिक्षण आयुक्त जब गोंदिया जिले के दौरे पर आए थे तब भी उन्हें यह मामला बताया गया था। लेकिन गोंदिया का शिक्षा विभाग पिछले आठ दिनों से यह गलती सरकार के ध्यान में लाने में टालमटोल कर रहा है और दिन काटने की नीति अपनाते हुए पवित्र पोर्टल के उम्मीदवारों को कार्यशाला के जरिए पदस्थापना दे रहा है। उम्मीदवारों ने कहा कि गोंदिया जिला परिषद की गलती से उनके साथ अन्याय हुआ है और आगे चलकर वे जिला परिषद व शिक्षा विभाग के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे या बड़ा आंदोलन भी करेंगे। यह चेतावनी ललितकुमार मच्छिरके, गायत्री दीपक नागपुरे, राजेश्वरी मानदास बसेना, प्रदीप नागपुरे, ज्योती रायसिंह मच्छिरके, सागर लिल्हारे, देवचंद लिल्हारे, राधेश्याम गिरिया, रीता लिल्हारे, सुनील वाहने, सरोज कुंभलवार, संजयकुमार सुलाखे, प्रवीण दमाहे, प्रदीप लिल्हारे, शिवकुमार बिसेन, अंकित सूर्यवंशी, रेखा पटले, छाया पटले, सत्यशिला कटरे, माधुरी पटले, डीलेश्वरी बोपचे और साची टेंभरे ने दी है।

पवित्र पोर्टल के जरिए चल रही शिक्षक भर्ती की टीईटी 2025 प्रक्रिया में हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों को खाली पदों का प्राथमिकता क्रम न मिलने की शिकायत गोंदिया जिला परिषद ने संज्ञान में ली है। इस बारे में जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर को महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद, पुणे के आयुक्त को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की गुजारिश की है। जिन उम्मीदवारों की पूरी पढ़ाई हिंदी माध्यम से हुई है, उनके लिए पवित्र पोर्टल पर गोंदिया जिला परिषद की खाली सीटों के लिए छठी से आठवीं और नौवीं-दसवीं के लिए हिंदी माध्यम में पढ़ाने का ऑप्शन उपलब्ध नहीं हुआ, ऐसा इसमें बताया गया है। इसी वजह से संबंधित उम्मीदवारों ने शिकायतें की हैं।

गोंदिया जिले के गोंदिया और सालेकसा इन दो तालुकों में हिंदी माध्यम की सबसे ज्यादा स्कूलें हैं। लेकिन जिला परिषद ने पवित्र पोर्टल पर गलत रजिस्ट्रेशन करके हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों पर अन्याय किया, यह बात जिला परिषद के उपाध्यक्ष व शिक्षण सभापति सुरेश हर्षे के ध्यान में लाने के लिए पीड़ित गए, तो उनकी बात सुनने के बजाय सभापति ने उन्हें सीधे भगा दिया। "क्या हम तुम्हारे लिए ही बैठे हैं?" ऐसा उल्टा सवाल भी उन्होंने पीड़ितों के सामने खड़ा किया। यह आपबीती पीड़ितों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनाई। इस घटना के बाद शिक्षण सभापति का असल काम क्या है, इस पर भी अब चर्चा गरम है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे