श्रीवर्धन के समुद्रकिनारे पर छुट्टियां खत्म होते ही फिर सन्नाटा, पर्यटक घटे
अक्टूबर की शुरुआत में लगातार छुट्टियों पर श्रीवर्धन के समुद्रकिनारे पर भीड़ उमड़ी थी। छुट्टियां खत्म होते ही पर्यटक कम हो गए हैं और स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ी है।
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श्रीवर्धन के समुद्रकिनारे पर एक बार फिर सन्नाटा पसर गया है। अक्टूबर की शुरुआत में लगातार छुट्टियां पड़ी थीं और तब यहां पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ जमा हुई थी। अब छुट्टियों का दौर खत्म होते ही सैलानियों की तादाद फिर घटने लगी है।
अक्टूबर के पहले हिस्से में छुट्टियों का योग बना तो लोग बड़ी संख्या में श्रीवर्धन की तरफ निकल पड़े। किनारे पर सैलानियों की चहल-पहल थी, होटलों में आवाजाही बढ़ी हुई थी और पर्यटन से जुड़े कारोबार में पैसों का लेन-देन भी अच्छा चल रहा था। इससे स्थानीय कारोबारियों में संतोष का माहौल था।
श्रीवर्धन कोकण का एक अहम पर्यटन स्थल माना जाता है। लंबा-चौड़ा समुद्रकिनारा, कुदरती खूबसूरती, ऐतिहासिक विरासत और शांत माहौल की वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आते हैं। शनिवार-रविवार और लगातार छुट्टियों के दिनों में यहां सैलानियों की संख्या बढ़ जाती है। इस बार भी किनारे पर भीड़ थी, और होटल, लॉजिंग, भोजनालय यानी खाने-पीने की जगहों और खाने-पीने के स्टॉल पर भी लोगों की रौनक दिखी।
छुट्टियां खत्म हुईं तो हालात बदल गए। जो इलाका कुछ दिन पहले तक सैलानियों से गुलजार था, वह अब तुलना में शांत दिखने लगा है। होटल कारोबारियों के साथ-साथ पर्यटन पर टिके छोटे-बड़े सभी कारोबारियों की फिक्र बढ़ गई है।
कई परिवारों की रोजी-रोटी पर्यटन के धंधे पर ही टिकी है। होटल, लॉजिंग, भोजनालय, चाय-नाश्ते की दुकानें, खाने-पीने का सामान बेचने वाले और तरह-तरह की सुविधाएं देने वाले कारोबारी इस हालात से जूझ रहे हैं। सैलानी कम होते हैं तो होटल के कमरों की मांग घटती है, और खाने-पीने के सामान व दूसरी सेवाओं की बिक्री पर भी असर पड़ता है।
श्रीवर्धन के पर्यटन कारोबार को पूरे साल रफ्तार मिले, इसके लिए सिर्फ लगातार छुट्टियों के भरोसे रहना काफी नहीं है। सैलानियों का नियमित आना-जाना बना रहना जरूरी है। समुद्रकिनारे की सफाई, सुरक्षा, बुनियादी सुविधाएं, पार्किंग का इंतजाम और पर्यटकों को खींचने वाले कार्यक्रमों पर जोर दिया जाए तो कारोबार को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा।
छुट्टियों के दिनों में भीड़ से भरा रहने वाला श्रीवर्धन का किनारा अब फिर सैलानियों की राह देख रहा है। स्थानीय होटल कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों की नजर इस पर है कि आने वाले दिनों में सैलानी बढ़ते हैं या नहीं और कारोबार में फिर तेजी लौटती है या नहीं।
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