शिवाजी पार्क में भारी पुलिस बंदोबस्त, आंदोलनकारी हिरासत में; संदीप देशपांडे ने लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का असर मुंबई में भी दिखा। शिवाजी पार्क इलाके में पुलिस ने बैरिकेडिंग की और कई लोगों को हिरासत में लिया।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और कुछ छात्र संगठन दिल्ली में जोरदार आंदोलन कर रहे हैं। इसका असर कल से मुंबई में भी दिख रहा है। दिल्ली और मुंबई, दोनों जगह पुलिस लोगों को हिरासत में ले रही है, जिससे आंदोलनकारियों की अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कल CJP के बड़ी संख्या में पदाधिकारियों, राजनीतिक नेताओं और दूसरे आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। आज भी पुलिस वही सिलसिला दोहरा रही है। इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी नाराजगी है और खूब चर्चा हो रही है।
आंदोलन के मद्देनजर दादर के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क इलाके में मुंबई पुलिस ने भारी बंदोबस्त लगाया है। इलाके की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि इलाके में आने वाले लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और CJP समर्थकों पर हुई कार्रवाई के विरोध में मुंबई में आंदोलन का आह्वान किया गया था। इसी वजह से शिवाजी पार्क इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई।
कुछ लोगों ने बताया कि वे आंदोलनकारी नहीं हैं, बल्कि काम से घर लौट रहे थे या इलाके में घूमने आए थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, ऐसा कुछ नौजवानों का दावा है। अंजली दमानिया को आंदोलन स्थल तक पहुंचने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर है।
इस कार्रवाई को लेकर मनसे नेता संदीप देशपांडे ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके दावे के मुताबिक शिवाजी पार्क पुलिस थाने में भाजपा के एक पदाधिकारी ने स्थानीय लोगों की बैठक ली थी। देशपांडे का आरोप है कि इस बैठक में लोगों से कहा गया कि आंदोलनकारियों को रोकें और उनका विरोध करें।
उन्होंने यह भी दावा किया कि लोगों से आंदोलनकारियों पर चढ़ जाने को कहा गया और बदले में सुरक्षा देने का भरोसा दिया गया। देशपांडे का कहना है कि इन आरोपों के सबूत उनके पास हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुंबई में टकराव करवाने की कोशिश की जा रही थी।
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन का ऐलान किया था। उस दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी। इसके बाद मुंबई में भी आंदोलन की घोषणा की गई।
शिवाजी पार्क इलाके का बंदोबस्त, आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई और संदीप देशपांडे के आरोपों से मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। अब सबकी नजर इस पर है कि पुलिस ने यह कार्रवाई किन कारणों से की और देशपांडे के आरोपों पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है।