टेंभी नाका में देवी से किसानों के लिए प्रार्थना, शिंदे बोले सूखे में सरकार किसानों के साथ
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टेंभी नाका के नवरात्रोत्सव में सूखाग्रस्त किसानों के लिए प्रार्थना की और राज्य सरकार के साथ खड़े रहने की बात कही।
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ठाणे के टेंभी नाका में नवरात्रोत्सव की धूम के बीच इस बार देवी के सामने बलिराजा यानी किसानों के लिए प्रार्थना की गई। महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों पर आया संकट दूर हो, यह दुआ करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भी बड़ी मदद मिलेगी।
शिंदे ने नवरात्रोत्सव मंडलों से अपील की कि वे उत्सव के खर्च में से कुछ बचत सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए दें और इस तरह सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं।
टेंभी नाका के 'श्री जय अंबे माँ सार्वजनिक नवरात्रोत्सव मंडल' की माँ दुर्गेश्वरी का आगमन समारोह आज बड़े उत्साह के साथ हुआ। इस मौके पर ढोल-ताशे, लेज़ीम, ताल-मृदंग, कोली नृत्य, गोंधल नृत्य, आदिवासी तारपा नृत्य और दूसरी पारंपरिक कलाओं के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। इसके बाद टेंभी नाका के मंडप में विधिवत पूजन कर देवी की प्राणप्रतिष्ठा की गई।
शिंदे के मुताबिक सूखाग्रस्त इलाकों में केंद्र की टीम निरीक्षण करके जा चुकी है और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस पर समीक्षा बैठक आज हुई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने भी महाराष्ट्र के सूखे और किसानों के सवाल पर विस्तार से चर्चा की। शिंदे ने कहा कि मोदी ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार भी बड़े पैमाने पर सहयोग करेगी।
शिंदे ने साफ किया कि सूखा घोषित करने की मांग पूरी कर दी गई है। उनके अनुसार रियायतें और नुकसान भरपाई के साथ संकट में फंसे परिवारों को जरूरी मदद दी जाएगी।
उन्होंने किसानों की बेटियों की तय हो चुकी शादियों को भी गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि सामूहिक विवाह समारोहों के जरिए यह जिम्मेदारी शिवसेना ने उठाई है। शिंदे ने बताया कि मराठवाड़ा के 25 हजार किसान परिवारों की बेटियों को साइकिल और 25 हजार महिलाओं को सिलाई मशीन बांटने की शुरुआत परभणी से की गई है।
सूखे की स्थिति को देखते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मंडल ने इस बार नवरात्रोत्सव सादगी से मनाने का फैसला किया है। उत्सव की बचत से किसानों को बड़ी मदद की जाएगी। शिंदे ने दूसरे मंडलों से भी इसी तरह कुछ बचत कर किसानों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने संकल्प जताया, "बलिराजा की दिवाली हम काली नहीं होने देंगे।"
स्वर्गीय गुरुवर धर्मवीर आनंद दिघे साहब की प्रेरणा से शुरू हुआ टेंभी नाका नवरात्रोत्सव इस साल 48वें वर्ष में है। इस बार देवभूमि उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है। मुंबई, ठाणे और पालघर से हर साल लाखों भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं। भक्तों की आस्था है कि यह देवी मन्नत पूरी करने वाली और पुकार पर दौड़ी आने वाली है।
हर साल की तरह इस बार भी ठाणे पुलिस की ओर से देवी को सलामी दी गई। इसमें ठाणे के पुलिस आयुक्त आशुतोष डुमरे और ठाणे पुलिस के दूसरे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
कार्यक्रम में सांसद नरेश म्हस्के, विधायक रवींद्र फाटक, ठाणे शहर प्रमुख हेमंत पवार, ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, दल नेता पवन कदम, वरिष्ठ पार्षद सुधीर कोकाटे, शिवसेना राज्य संगठन प्रमुख आनंद परांजपे, शिवसेना प्रवक्ता राहुल लोंढे, कमलेश चव्हाण, निखिल बुडजडे, जैकी भोईर, स्वानंद पवार, किरण नाकती, बाळा गवस, अमित जयस्वाल और शिवसेना के सभी प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।