सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में अब तक 3878 आवेदन, लोढ़ा ने किया भाग लेने का आह्वान
कौशल मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में ज्यादा से ज्यादा लोगों से हिस्सा लेने की अपील की है।
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कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने अपील की है कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगी हिस्सा लें। उन्होंने यह बात मंत्रालय के विधिमंडल संवाददाता कक्ष में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। इस मौके पर रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अपूर्वा पालकर, कुलसचिव डॉ. वैभव नरवडे, सृजन ट्रस्ट के न्यासी दिपक मुकादम, डॉ. अमित नेहते और विज्ञान भारती कोंकण प्रांत की अनुपमा कुलकर्णी मौजूद थीं।
लोढ़ा ने बताया कि केंद्रीय कौशल विभाग की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान चल रहा है। इसी के तहत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज नाम की बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता रखी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग ने महाराष्ट्र में भी इसका आयोजन किया है।
आवेदन की प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 17 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। महाराष्ट्र से अब तक 3878 प्रतियोगियों ने आवेदन किया है। प्रतियोगिता में शामिल होने वालों को कौशल विकास विभाग की तरफ से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
मंत्री के मुताबिक इस प्रतियोगिता के जरिए स्कूल और कॉलेज के छात्रों को कृषि, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, शहरी विकास, पर्यावरण, संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा और रोजगार योग्यता जैसे क्षेत्रों की समस्याएं समझकर उनके रचनात्मक हल पेश करने का मौका मिलेगा। नवोन्मेषक, छात्र, छात्रों के समूह, शोधकर्ता, प्रोफेसर, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, कंपनियां, सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक और शोध संस्थाएं और दूसरी इनोवेशन टीमें इसमें हिस्सा ले सकती हैं। प्रतियोगिता के लिए कोई आयु सीमा नहीं है, यानी हर किसी की रचनात्मकता को मौका मिलेगा।
लोढ़ा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के बच्चों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभाग काम कर रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक लोग https://sevainnovationchallenge.in/ लिंक पर जाकर या क्यूआर कोड स्कैन करके अपना प्रोजेक्ट जमा कर सकते हैं। पोर्टल पर पहले स्तर पर प्राथमिक जानकारी का पंजीकरण करना होगा। दूसरे स्तर पर प्रोजेक्ट जमा करते वक्त उम्मीदवारों को आधार से जुड़ी निजी जानकारी और प्रोजेक्ट की जानकारी देनी होगी। उम्मीदवारों की शंकाओं के समाधान के लिए वेबसाइट पर चैट बॉट की सुविधा भी उपलब्ध है।
छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग ने सृजन ट्रस्ट, पुणे और विज्ञान भारती कोंकण प्रांत के साथ समझौता किया है। इन संस्थाओं की मदद से ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और दोनों संस्थाएं उनकी ज्यादा से ज्यादा भागीदारी पक्की करने में सहयोग करेंगी।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने और प्रतियोगिता के लिए जरूरी मार्गदर्शन छात्रों को विज्ञान भारती कोंकण प्रांत की तरफ से मिलेगा। सृजन ट्रस्ट के जरिए प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करके युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। सृजन ट्रस्ट हर साल डिपेक्स उपक्रम के तहत नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र के युवाओं के लिए सम्मेलन आयोजित करता है। बताया गया कि इस उपक्रम से इन क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को मंच मिलेगा।