सेंसेक्स 2,008.61 अंक चढ़कर 79,310.01 पर बंद, छठे सत्र में भी बाजार में तेजी
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गुरुवार 5 नवंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार छठे कारोबारी सत्र में चढ़कर बंद हुए। निफ्टी 24,536.60 पर पहुंचा।
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को जबरदस्त तेजी रही। यह लगातार छठा कारोबारी सत्र था जब बाजार ऊपर चढ़ा। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60 फीसदी की उछाल के साथ 79,310.01 पर बंद हुआ। निफ्टी 576 अंक यानी 2.40 फीसदी बढ़कर 24,536.60 पर पहुंच गया।
बाजार को सहारा तीन चीजों से मिला: दुनिया के बाजारों से अच्छे संकेत, विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी और कच्चे तेल के दाम में गिरावट।
आज लगभग हर सेक्टर में तेजी दिखी। कुल 2,775 शेयर चढ़े, जबकि 1,329 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 147 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी के टॉप गेनर्स में बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, मारुति सुजुकी और ICICI बैंक रहे। दूसरी तरफ अपोलो हॉस्पिटल्स, ONGC, NTPC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोल इंडिया के शेयर नीचे आए।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो, PSU बैंक, निफ्टी बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की बढ़त रही। IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़े। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.8 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। हालांकि एनर्जी इंडेक्स में 0.5 फीसदी और मीडिया इंडेक्स में 0.8 फीसदी की गिरावट आई।
अमेरिका से भी अच्छी खबर आई। वहां मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता कम होने की बात कही जा रही है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और अमेरिकी बाजार जोर से चढ़े। डाउ जोन्स 3.03 फीसदी, S&P 500 1.58 फीसदी और Nasdaq Composite 1.44 फीसदी ऊपर गया। एशिया में भी शंघाई का SSE Composite और हांगकांग का Hang Seng बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इन संकेतों का असर भारतीय बाजार पर दिखा।
कच्चे तेल में लगातार चौथे दिन गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड 1.07 फीसदी फिसलकर 93.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.29 फीसदी गिरकर 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क 8 फीसदी से ज्यादा टूटे थे। इस हफ्ते अब तक कच्चा तेल करीब 16 फीसदी सस्ता हो चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का हल निकलने की उम्मीद से तेल के दामों पर दबाव बना है। भारत के लिए यह राहत की बात मानी जा रही है, क्योंकि इससे आयात का खर्च और महंगाई कम होने में मदद मिल सकती है। कंपनियों के मुनाफे पर भी अच्छा असर पड़ने की गुंजाइश है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीद ने भी बाजार को मजबूती दी। गुरुवार को उन्होंने भारतीय बाजार में 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। लगातार चौथे कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशक खरीदार बने हुए हैं। अक्टूबर 2025 के बाद भारत में यह उनकी सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारियों में से एक है।
कुल मिलाकर, ग्लोबल बाजारों की तेजी, कच्चे तेल की गिरावट और विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर पहुंचाया। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र पर टिकी है।
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