सेहवाग का 40वां जन्मदिन: टेस्ट में 100 से कम गेंदों पर 7 बार शतक का विश्व रिकॉर्ड
भारत के पूर्व आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सेहवाग आज 40 साल के हो गए। टेस्ट क्रिकेट में 100 से कम गेंदों में सात शतक उनके नाम हैं।
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भारत के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सेहवाग आज अपना 40 वां जन्मदिन मना रहे हैं। आक्रामक सलामी बल्लेबाज के तौर पर पहचाने जाने वाले सेहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में हुआ था। जन्मदिन पर क्रिकेट की दुनिया से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं।
अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर सेहवाग ने दुनिया भर के क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। उनके नाम कई रेकॉर्ड हैं और इनमें से कुछ को अब तक कोई तोड़ नहीं पाया है।
वनडे हो या टेस्ट, हर जगह आक्रामक अंदाज में खेलना सेहवाग की खासियत रही। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम एक ऐसा रेकॉर्ड दर्ज है, जिसके आसपास भी दुनिया का कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं पहुंचा। सेहवाग ने टेस्ट में 100 से कम गेंदों में पूरे 7 बार शतक जड़ा है, और यह एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड है।
शुरू से ही गेंदबाजों पर टूट पड़ना और उन्हें सेट न होने देना, यही सेहवाग की रणनीति दिखती थी। टेस्ट इतिहास में शुरुआत से ही चारों तरफ हमला करके सबसे कम गेंदों में शतक लगाने के मामले में वे दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने और भी कई रेकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
तेज शतक ठोकने वाले दूसरे आक्रामक खिलाड़ी भी हैं, पर वे सेहवाग से काफी पीछे हैं। ब्रेंडन मैकुलम, डेविड वार्नर और क्रिस गेल ने अपने करियर में 4 बार 100 से कम गेंदों में शतक पूरा किया। भारत के दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव, पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी और वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने यह कारनामा 3 बार किया है।
अब सेहवाग के सात शतकों की बात। 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 78 गेंदों में शतक बनाया, जो उनका सबसे तेज था। इसके बाद 2008 में श्रीलंका के खिलाफ 87 गेंदों में, 2010 में श्रीलंका के ही खिलाफ 90 गेंदों में और 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी 90 गेंदों में शतक पूरा किया। 2009 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 97 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था।
पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र की बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि हालात कैसे भी हों या सामने कोई भी गेंदबाज हो, उनका आक्रामक अंदाज कभी नहीं बदला। इसी अंदाज में उन्होंने हमेशा गेंदबाजों की जमकर खबर ली।