शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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10:57 IST

सप्लिमेंट्स की जगह रसोई के खाने से पूरा करें प्रोटीन, रोज की खुराक और देसी स्रोत

प्रोटीन बढ़ाने के लिए सप्लिमेंट्स या गोलियों पर भरोसा करने की जगह रोज के खाने में सोयाबीन, दाल, अंडे और दूध जैसी चीजें शामिल करने की बात कही गई है।

सप्लिमेंट्स की जगह रसोई के खाने से पूरा करें प्रोटीन, रोज की खुराक और देसी स्रोत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

शरीर को हर विटामिन की सही मात्रा में जरूरत होती है। विटामिन सी, ए, ई, डी, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे सभी तत्व शरीर के लिए बहुत अहम हैं। लेकिन बॉडीबिल्डिंग करने वाले या जिम जाने वाले कई लोग प्रोटीन बढ़ाने के लिए अलग-अलग सप्लिमेंट्स या गोलियां लेते हैं। केमिकल और नुकसानदेह चीजों से बने सप्लिमेंट्स लेना शरीर के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है।

जिंदगी के हर दौर में शरीर को मांसपेशियों की मरम्मत, एंजाइम बनाने और सेहत बनाए रखने के लिए खाने में काफी प्रोटीन चाहिए। कई लोग हमेशा यही मानते हैं कि प्रोटीन पाउडर या सप्लिमेंट्स लेने से शरीर में प्रोटीन का स्तर बढ़ जाता है। मगर इसकी जगह खाने में अलग-अलग चीजें शामिल की जाएं तो सेहत भी सुधरेगी और शरीर को जरूरी प्रोटीन भी मिलेगा।

हर आदमी की प्रोटीन की जरूरत इस पर टिकी होती है कि उसकी मांसपेशियां कितनी सक्रिय हैं और ऊर्जा का संतुलन कैसा है। एक आम वयस्क को रोज प्रति किलो वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन मिलना जरूरी है। इससे शरीर में प्रोटीन का संतुलन बना रहता है।

खाने में कैलोरी और प्रोटीन कम हों तो ऊर्जा, हार्मोन और एंजाइम बनाने के लिए मांसपेशियों का प्रोटीन टूटने लगता है। कार्बोहाइड्रेट और फैट से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल जाए, तब प्रोटीन का इस्तेमाल सिर्फ मांसपेशियां बनाने और शरीर की बढ़त के लिए होता है।

अब बात उन चीजों की जिनसे प्रोटीन मिलता है। 100 ग्राम सोयाबीन में 35 से 40 ग्राम प्रोटीन होता है, इसलिए खाने में दो या तीन बार सोयाबीन शामिल करने को कहा गया है। तुअर की दाल, मूंग, चना और मटकी जैसी दालों से 100 ग्राम पर 18 से 25 ग्राम प्रोटीन मिलता है। सूखे मेवे और बीज खाने से 15 से 25 ग्राम प्रोटीन मिलता है। एक अंडे में 6 से 8 ग्राम अच्छा प्रोटीन होता है।

अंडे का सफेद हिस्सा, मलाई निकाला हुआ दूध, दही या ग्रीक योगर्ट, चिकन और मछली में भी भरपूर प्रोटीन होता है। इसलिए महंगे सप्लिमेंट्स लेने की जगह रसोई में मौजूद चीजें खाने की बात कही गई है।

दालों में मेथिओनाइन कम और लायसीन ज्यादा होता है, जबकि चावल में लायसीन कम और मेथिओनाइन ज्यादा होता है। इसलिए चावल और दाल साथ खाने से शरीर को अमिनो एसिड मिलते हैं। गेहूं की रोटी में जो अमिनो एसिड नहीं होता, उसकी भरपाई राजमा और छोले की सब्जी से हो सकती है।

रोज के खाने में दालें, कडधान्य, अंडे, दूध, सब्जियां और अनाज शामिल करने से प्रोटीन की कमी पूरी होगी और सेहत सुधारने में मदद मिलेगी। यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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