रविवार, 11 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:49 IST

प्रकाश राजपुरोहित बने उप निर्वाचन आयुक्त, 8 अप्रैल 2030 तक रहेगा कार्यकाल

केंद्र सरकार ने राजस्थान कैडर के 2010 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित को चुनाव आयोग में उप निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया है।

प्रकाश राजपुरोहित बने उप निर्वाचन आयुक्त, 8 अप्रैल 2030 तक रहेगा कार्यकाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

केंद्र सरकार ने राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित को भारतीय निर्वाचन आयोग में उप निर्वाचन आयुक्त (डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर) के पद पर नियुक्त किया है। उनके पास यह जिम्मेदारी 8 अप्रैल 2030 तक रहेगी। यह नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है जब देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

नियुक्ति को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक उनका इस पद पर कार्यकाल 8 अप्रैल 2030 तक होगा। खबर है कि उनकी नियुक्ति केंद्र सरकार की मंजूर की हुई 27 संयुक्त सचिव और समकक्ष स्तर के अधिकारियों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है।

प्रकाश राजपुरोहित राजस्थान कैडर के 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। वे राजस्थान के बाड़मेर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हासिल की है।

प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने राजस्थान में कई अहम पदों पर काम किया। वे जयपुर, जोधपुर, अजमेर और अलवर जैसे बड़े जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं। जिला प्रशासन के इस अनुभव से उन्हें प्रशासनिक कामकाज की अच्छी जानकारी है।

चुनाव आयोग में आने से पहले राजपुरोहित मई 2026 से रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर थे। अब उन्हें देश की चुनाव व्यवस्था से जुड़ी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजपुरोहित पूर्व उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार की जगह लेंगे। संजय कुमार मतदाता सूची और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का कामकाज देखते थे। उन्हें अगस्त में कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनके मूल राजस्थान कैडर में वापस भेज दिया गया था, जिसके बाद उनकी नियुक्ति दिल्ली सरकार में हुई। आयोग का यह पद अगस्त से खाली था।

गौरतलब है कि 24 जून 2025 को देशभर में SIR प्रक्रिया शुरू करने के बारे में चुनाव आयोग ने जो अहम आदेश जारी किया था, उस पर संजय कुमार के दस्तखत थे।

इस वक्त SIR प्रक्रिया को लेकर देश में राजनीतिक विवाद चल रहा है। इसी पृष्ठभूमि में विपक्ष की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों के साथ CJP भी उनके इस्तीफे की मांग कर रही है।

खबर है कि चुनाव आयोग के IT विभाग के कामकाज को लेकर आयोग के भीतर पहले मतभेद पैदा हुए थे। बताया जाता है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आंतरिक चर्चा में इस विभाग के कामकाज के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इन मतभेदों के बीच जुलाई में संजय कुमार से IT विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी और अगस्त में उन्हें मूल कैडर में लौटा दिया गया।

राजस्थान के जिला प्रशासन से लेकर केंद्र के रक्षा उत्पादन विभाग तक अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालने के बाद राजपुरोहित अब चुनाव आयोग में काम करेंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव प्रक्रिया की योजना और IT से जुड़े कामकाज में वे अपनी नई भूमिका कैसे निभाते हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे