सांगली जिला बैंक चुनाव: छह सीटों पर 93.91 फीसदी वोट पड़े, मंगलवार को गिनती
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सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक मंडल की छह सीटों के लिए रविवार को वोटिंग हुई। सुबह आठ बजे से शाम पाँच बजे तक चली वोटिंग में दिन खत्म होने तक 93.91 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। जिले के 12 मतदान केंद्रों पर कुल 2 हजार 446 मतदाता वोट डालने के हकदार थे।
बैंक के संचालक मंडल की कुल 21 सीटें हैं। इनमें से 15 सीटें पहले ही निर्विरोध हो चुकी थीं। बाकी छह सीटों के लिए 13 उम्मीदवार मैदान में उतरे। यह चुनाव 2026-2031 के पाँच साल के कार्यकाल के लिए था। जत, कवठेमहांकाल, तासगांव और मिरज, इन चार सोसायटी गुटों के साथ अनुसूचित जाति और घुमंतू जाति-जनजाति की दो आरक्षित सीटों पर वोट डाले गए।
सुबह से ही केंद्रों पर मतदाताओं की हलचल दिखी। उम्मीदवार और उनके समर्थक अपने गुट के मतदाताओं को वोट डलवाने के लिए खास कोशिश में लगे थे। शुरू में कुछ केंद्रों पर वोटिंग धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ रफ्तार बढ़ी और दोपहर बाद कई केंद्रों पर भीड़ लग गई।
सबसे ज्यादा नजर तीन मुकाबलों पर है। जत सोसायटी गुट में विधायक गोपीचंद पडळकर का सामना विनोद पवार से हुआ। तासगांव में पूर्व सांसद संजय पाटील और पूर्व विधायक सुमन पाटील आमने-सामने थे। कवठेमहांकाल में पूर्व मंत्री अजितराव घोरपडे और टी. व्ही. पाटील के बीच मुकाबला रहा। इन तीनों लड़ाइयों में स्थानीय नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर बताई जा रही है।
पडळकर की उम्मीदवारी का मामला अदालत तक गया था। उनका नामांकन वैध ठहराए जाने के बाद चुनाव का रास्ता साफ हुआ। इस गुट के नतीजे पर भाजपा समेत विरोधी राजनीतिक गुटों की भी नजर है। तासगांव में सुमन पाटील की उम्मीदवारी की वजह से विधायक रोहित पाटील की प्रतिष्ठा दांव पर लगी बताई जा रही है। संजय पाटील के लिए भी यह मुकाबला अहम माना जा रहा है।
मिरज सोसायटी गुट में अण्णासाहेब कोरे और भाजपा के अनिल शेगुणशे के बीच सामना हुआ। इस गुट के नतीजे पर सांसद विशाल पाटील की भी नजर है। अनुसूचित जाति वर्ग की सीट के लिए के. डी. कांबळे, बाबासाहेब मधाळे और विलास बेले मैदान में थे। घुमंतू जाति-जनजाति वर्ग की सीट के लिए संभाजी कचरे, शंकर माने और अमोल पारेकर के बीच मुकाबला रहा। इन दोनों सीटों पर पूरे जिले के मतदाताओं ने वोट डाले।
जत के मतदान केंद्र पर पूर्व विधायक विक्रमसिंह सावंत और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि वोट की गोपनीयता भंग हुई है और इस पर आपत्ति जताई। इसके चलते करीब आधे घंटे तक वोटिंग रुकी रही, फिर दोबारा शुरू हुई। इस घटना को छोड़ दें तो बाकी केंद्रों पर वोटिंग शांति से हुई।
जिला सहकारी उपनिबंधक सुनील चव्हाण ने निर्वाचन निर्णय अधिकारी का काम देखा। कलेक्टर डॉ. मैनाक घोष ने मतदान और गिनती केंद्रों के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए थे। केंद्र में जाने से पहले मतदाताओं की जांच होती थी। मोबाइल, कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक सामान और पेन समेत प्रतिबंधित चीजें अंदर ले जाने की मनाही थी।
मुकाबला कांटे का होने से नेताओं ने वोट जुटाने में खास सावधानी बरती। कई नेताओं ने अपने गुट के मतदाताओं को वोटिंग से पहले ही पर्यटन स्थलों पर भेज दिया था, ताकि वे टूटकर विरोधियों के पाले में न जाएं। वोटिंग के दिन इन मतदाताओं को कड़ी सुरक्षा में सीधे मतदान केंद्र लाया गया और वोट डलवाकर वापस भी भेजा गया। मतदाताओं की इस "सुरक्षित पर्यटन मुहिम" की जिला बैंक के चुनाव में खूब चर्चा रही।
अब सबकी नजर मंगलवार, 3 तारीख की गिनती पर है। सांगली कृषि उपज मंडी समिति के मार्केट यार्ड में किसान भवन में सुबह आठ बजे गिनती शुरू होगी। किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले, यह नतीजे वाले दिन ही साफ होगा।
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