बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
21:14 IST

संभाजीनगर में डेटा एनालिटिक्स और जनरेटिव AI पर सेमिनार, छात्रों से नई तकनीक सीखने की अपील

छत्रपति संभाजीनगर में दो कॉलेजों के संयुक्त आयोजन में नीड डेटा के पुष्पराज सिंह राठोड ने छात्रों को नई तकनीकी कौशल सीखने की सलाह दी।

संभाजीनगर में डेटा एनालिटिक्स और जनरेटिव AI पर सेमिनार, छात्रों से नई तकनीक सीखने की अपील तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

छत्रपति संभाजीनगर में शनिवार को डेटा एनालिटिक्स विद जनरेटिव एआई विषय पर एक सेमिनार हुआ। इसका आयोजन हसूल स्थित सुप्रियाताई सुळे कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट सायन्स और मॉडर्न कॉलेज ऑफ कॉम्प्युटर सायन्स अँड आयटी ने मिलकर किया था। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों की प्रतिमाओं के पूजन से हुई।

प्रमुख अतिथि के तौर पर नीड डेटा के संस्थापक पुष्पराज सिंह राठोड मौजूद थे। नीड डाटा के प्रशिक्षक के रूप में बोलते हुए राठोड ने कहा कि आज के तकनीकी दौर में कंप्यूटर से जुड़ा कौशल सीखना बहुत जरूरी है। उन्होंने अपील की कि कंप्यूटर क्षेत्र में कामयाब होने के लिए छात्र पूरे भरोसे के साथ नई तकनीक अपनाएं।

यह सेमिनार देवगिरी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रा. प्रदीप रोडे, प्रा. अर्जुन राठोड और प्रा. राम गायकवाड के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्राचार्य डॉ. कृष्णा कांबळे ने डेटा एनालिटिक्स और जनरेटिव एआई जैसी आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।

मुख्य वक्ता पुष्पराज सिंह राठोड ने समझाया कि डेटा एनालिटिक्स के जरिए बड़े पैमाने की जानकारी का विश्लेषण करके सही फैसले कैसे लिए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनरेटिव एआई की मदद से लिखा हुआ मजमून, तस्वीरें और कई तरह का डिजिटल कंटेंट तैयार किया जा सकता है। शिक्षा, कारोबार और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इस तकनीक के असरदार इस्तेमाल के बड़े मौके बन रहे हैं।

प्रा. डॉ. अस्मिता साळवे ने छात्रों से कहा कि वे बदलती तकनीक को जानें और नए कौशल सीखें। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का इस्तेमाल रचनात्मक ढंग से और जिम्मेदारी के साथ किया जाए और भविष्य में रोजगार के मौकों के लिए खुद को तैयार रखा जाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मॉडर्न कॉलेज ऑफ कॉम्प्युटर सायन्स अँड आयटी के प्राचार्य डॉ. नामदेव सानप ने की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में छात्रों को ज्ञान, कौशल और नए ढंग की सोच विकसित करने की जरूरत है।

कार्यक्रम के समन्वयक प्रा. हर्षद वाघमारे, प्रा. संतोष प्रधान, प्रा. ज्योती मोरे, प्रा. राजेंद्र भगत, प्रा. डॉ. प्रज्ञा किंवंडे, प्रा. तुबा सय्यद, प्रा. अनिकेत दंडाळे, प्रा. ऋषिकेश राजपूत और प्रा. गौरव अस्तुरे थे। श्री. मिथुन खाडे और विशाल बोर्ड ने भी आयोजन को सफल बनाने में मेहनत की। संचालन प्रा. अनघा भोर ने किया और संकेत गाडेकर ने आभार जताया।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे