संभाजीनगर जिले की 4,033 स्कूलों ने दर्ज कराया मूल्यांकन, राज्य स्तर पर जाएंगी आठ स्कूलें
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स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के तहत छत्रपति संभाजीनगर जिले की आठ स्कूलों को राज्य स्तरीय स्पर्धा के लिए चुना जाएगा। इनमें छह ग्रामीण और दो शहरी इलाके की होंगी।
छत्रपति संभाजीनगर जिले की आठ स्कूलों को राज्य स्तरीय स्पर्धा में भेजा जाएगा। यह चुनाव "स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग" उपक्रम के तहत होगा। इस उपक्रम का मकसद स्कूलों में साफ-सफाई, सुरक्षित पीने के पानी, शौचालयों की सुविधा और पर्यावरण के अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
जिले की 4 हजार 33 स्कूलों ने इस उपक्रम में अपना मूल्यांकन दर्ज कराया है। फिलहाल माध्यमिक शिक्षा विभाग इन सभी स्कूलों की ऑनलाइन और ऑफलाइन पड़ताल कर रहा है। चुनी जाने वाली आठ स्कूलों में से छह ग्रामीण इलाके की और दो शहरी इलाके की होंगी।
राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा संचालनालय ने जिला स्तर के मूल्यांकन और मानांकन के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसी के हिसाब से जिले में स्कूलों का मूल्यांकन, मौके पर जाकर जांच और पात्र स्कूलों के चुनाव का काम शुरू हो गया है। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है।
जांच कई कसौटियों पर हो रही है। इनमें स्कूल में सुरक्षित पीने का पानी, शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का प्रबंधन, सूखे और गीले कचरे का प्रबंधन, स्कूल की देखभाल, बच्चों में सफाई को लेकर जागरूकता, हरित गतिविधियां और दिव्यांगों के लिए सुविधाएं शामिल हैं।
स्कूलों ने ऑनलाइन जो जानकारी भरी है और स्कूल में असल में जो सुविधाएं हैं, दोनों को मिलाकर अंक तय किए जाएंगे। मूल्यांकन रिपोर्ट, उपलब्ध सुविधाएं, फोटो, उनसे जुड़े सबूत और स्कूलों के रिकॉर्ड देखने के बाद ही पात्र स्कूल चुने जाएंगे।
जिला स्तर पर कम से कम तीन स्टार मानांकन वाली और अपने गुट में सबसे ज्यादा अंक पाने वाली स्कूलों पर विचार किया जाएगा। लेकिन राज्य स्तरीय नामांकन के लिए सिर्फ चार और पांच स्टार मानांकन वाली स्कूलें ही पात्र होंगी।
शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक विभाग) अश्विनी लाठकर ने कहा, "स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का मूल्यांकन और पड़ताल पारदर्शी तरीके से की जा रही है। स्कूलों में साफ-सफाई, पीने का पानी, सेहत से जुड़ी सुविधाओं और पर्यावरण के अनुकूल गतिविधियों को तरजीह दी जा रही है। अच्छी सुविधाओं वाली पात्र स्कूलों को कसौटियों के मुताबिक चुनकर राज्य स्तरीय स्पर्धा के लिए नामांकन भेजा जाएगा। इस उपक्रम से जिले की स्कूलों का दर्जा ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।"
जिला स्तर का मूल्यांकन, पड़ताल और मानांकन 31 अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है। उसके बाद चुनी गई आठ स्कूलों का राज्य स्तरीय नामांकन 1 से 7 नवंबर के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर जमा किया जाएगा, ऐसी जानकारी मिली है।
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