शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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23:45 IST

ठाणे जिले के स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 400 करोड़ का प्लान, श्रीकांत शिंदे के निर्देश

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के निर्देश पर ठाणे जिला प्रशासन ने स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी सुविधाओं के लिए बड़ा विकास खाका तैयार किया है।

ठाणे जिले के स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 400 करोड़ का प्लान, श्रीकांत शिंदे के निर्देश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ठाणे जिले में पढ़ाई, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और शहरी सुविधाओं का स्तर ऊपर उठाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक विकास योजना बनाई है। यह योजना सांसद और दिशा समिति के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे के निर्देश पर तैयार की गई है। जिला परिषद, महानगरपालिका और नगरपालिका इलाकों के स्कूलों की भौतिक और शैक्षणिक सुविधाओं के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का प्लान बना है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दर्जा बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का प्लान अलग से तैयार हुआ है।

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति, यानी दिशा समिति, की समीक्षा बैठक हाल ही में ठाणे के जिलाधिकारी कार्यालय में हुई। बैठक में अलग-अलग कामों की योजना, निधि की उपलब्धता और अमल पर चर्चा हुई। डॉ. शिंदे ने बताया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास जरूरी निधि और प्रशासनिक सहयोग के लिए पीछा किया जाएगा, ताकि योजना पर असरदार तरीके से अमल हो सके।

स्कूलों के लिए योजना में डिजिटल पढ़ाई की सुविधा, इंटरनेट कनेक्शन, आधुनिक और अच्छी तरह सुसज्जित कक्षाएं, आदर्श रसोईघर, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और बच्चों को साफ पीने का पानी देने की बात है। सक्षम शाला अभियान के तहत स्कूलों की जरूरत के मुताबिक उनका पुनर्निर्माण करके स्मार्ट स्कूल बनाए जाएंगे। स्कूल परिसर में सौर ऊर्जा परियोजना, बारिश के पानी का संकलन, बच्चों के लिए अच्छे विश्रामगृह और शैक्षणिक और प्रेरक चित्रों से सजी दीवारें भी बनेंगी।

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण यानी पीएम पोषण योजना पर असरदार अमल हो और बच्चों को अच्छा भोजन मिले, इसके लिए डॉ. श्रीकांत शिंदे ने आदर्श रसोईघर बनाने पर जोर देने को कहा है। स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता लगातार सुधारने के लिए शहरों के अनुभवी शिक्षकों के साथ सरकारी और निजी क्षेत्र के शिक्षकों का सहयोग लेने की योजना है। हर स्कूल की ताजा जानकारी रखी जाएगी, हर साल स्कूलों का मूल्यांकन होगा और उसके हिसाब से जरूरी सुधार किए जाएंगे। जिला परिषद, महानगरपालिका और नगर परिषदों के जरिए निधि जुटाकर स्कूलों के आधुनिकीकरण का काम तय ढंग से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

शहरों में नागरिक सुविधाओं का स्तर सुधारने और सार्वजनिक जगहों का लोग बेहतर इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए कई विकास कामों की योजना बनी है। मुख्य सड़कों का सौंदर्यीकरण, आकर्षक रोशनी, तालाबों और बगीचों की सजावट और सार्वजनिक स्थलों का कायापलट इसमें शामिल है। आधुनिक सुविधाओं वाले सार्वजनिक शौचालय बनाने, उनकी नियमित सफाई और सही देखभाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। बगीचों और सार्वजनिक जगहों में कसरत की सुविधा, साइकिल मार्ग, बच्चों के खेलने की जगह, आधुनिक व्यायामशाला और विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराने की योजना बनाने के निर्देश डॉ. शिंदे ने दिए हैं।

पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए अच्छी हालत के फुटपाथ, पर्याप्त रोशनी और जरूरी बुनियादी ढांचा बनाने पर जोर रहेगा। महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के मौके दिलाना और उनकी गतिविधियों के लिए महिला भवन बनाना भी योजना में है। नागरिकों के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी जगहों पर सुसज्जित सभागार बनेंगे। दलित बस्ती और झोपड़पट्टी इलाकों में सड़क, पानी की आपूर्ति, नालियां, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं देकर इन इलाकों का हर तरह से विकास किया जाएगा।

संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि इन सब कामों की योजना बनाते समय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें, सुरक्षा, सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं के असरदार इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में कहा गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं के कामों को रफ्तार देने के लिए सभी विभाग तालमेल से काम करें और तय काम पूरे करने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।

स्वास्थ्य के लिए जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का स्तर बढ़ाने को करीब 100 करोड़ रुपये का प्लान बना है। मकसद यह है कि ये केंद्र सिर्फ शुरुआती जांच तक सीमित न रहें, बल्कि एक ही छत के नीचे जरूरी स्वास्थ्य जांच, इलाज और बुनियादी चिकित्सा सुविधा देने वाले सक्षम केंद्र बनें। इसके लिए डॉ. श्रीकांत शिंदे ने संबंधित विभाग को स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे, सफाई, मरीजों की जरूरी सहूलियतों और मौजूद चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।

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