मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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सहारा में मिला मंगल का 4.1 अरब साल पुराना टुकड़ा, खोला पानी का राज

सहारा में मिला मंगल का 4.1 अरब साल पुराना टुकड़ा, खोला पानी का राज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 टीम

माली के सहारा रेगिस्तान में मिले उल्कापिंड 'तेगाजा 001' की जांच से पता चला है कि 4.1 अरब साल पहले मंगल की सतह के नीचे पानी था।

विज्ञान की दुनिया से बड़ी खबर आई है। सहारा रेगिस्तान के माली में रिसर्चरों को मंगल ग्रह का एक उल्कापिंड मिला है, जो पूरे 4.1 अरब साल पुराना है। अब तक धरती पर जितने मंगल के टुकड़े मिले हैं, उनमें इसे सबसे पुराना और सबसे अहम माना जा रहा है।

इस उल्कापिंड को 2022 में सहारा रेगिस्तान में खोजा गया था। इसे 'तेगाजा 001' (Teghaza 001) नाम दिया गया है। इसकी पूरी रिसर्च रिपोर्ट दुनिया की नामी पत्रिका 'साइंस' (Science) जर्नल में छपी है।

रिसर्चरों के मुताबिक जब यह उल्कापिंड बहुत तेज रफ्तार से धरती के वातावरण में घुसा और जमीन से टकराया, तो रगड़ और टक्कर की वजह से इसके कुल आठ टुकड़े हो गए। इनमें सबसे बड़ा टुकड़ा इंसान की मुट्ठी के बराबर है। इसका कुदरती गुलाबी रंग धरती के वातावरण में आने के बाद हुई प्रक्रिया से कुछ बदल गया है।

उल्कापिंड की केमिकल बनावट की जांच में वैज्ञानिकों को हैरान करने वाली जानकारी मिली। अंदाजा लगाया जा रहा है कि मंगल पर पिघला हुआ लावा जब सतह के नीचे के पानी के संपर्क में आया, तो ठंडा होकर यह चट्टान बनी। इसके अलग-अलग खनिजों में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के अलग-अलग तत्व छिपे मिले हैं। इससे साफ होता है कि 4.1 अरब साल पहले मंगल के भीतर या उसकी सतह के नीचे पानी बह रहा था। हालांकि जैसे-जैसे जमीन के भीतर बदलाव होते गए और पिघली हुई चट्टानें संपर्क में आईं, वैसे-वैसे यह पानी गायब होने लगा।

इस अध्ययन की अगुवाई करने वाले नासा (NASA) के खगोलशास्त्री यांग लिऊ (Yang Liu) ने कहा, "तेगाजा 001 उल्कापिंड मंगल के शुरुआती दौर का राज खोलने के लिए बेहद कीमती साबित हो रहा है।" उनके मुताबिक यह उल्कापिंड इस बात का सबूत देता है कि 4.1 अरब साल पहले मंगल आज की तरह सूखा और ठंडा ग्रह नहीं था, बल्कि गीला और गर्म ग्रह था।

वैज्ञानिकों ने उल्कापिंड में मिले बेहद छोटे जिरकॉन क्रिस्टल (Zircon Crystals) के जरिए इसकी उम्र पक्की की है, जो 4.1 अरब साल निकली। इस नई रिसर्च से इस बहस को फिर हवा मिल गई है कि मंगल पर कभी जीवन था या नहीं, या वहां जीवन के लायक हालात थे या नहीं।

इस खोज से खगोल के जानकारों और आम लोगों में भी जबरदस्त उत्सुकता है। माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में मंगल के इतिहास के बारे में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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