सब्बिनेनी मेघना ने सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लिया, सोशल मीडिया पर किया ऐलान
भारतीय महिला टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज सब्बिनेनी मेघना ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है।
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज सब्बिनेनी मेघना ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके अपने क्रिकेट करियर पर पूर्णविराम लगा दिया। मेघना 2022 के राष्ट्रकुल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं।
संन्यास का ऐलान करते हुए मेघना ने क्रिकेट से अपने भावनात्मक रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जर्सी पहनकर मैदान में उतरना उनके लिए सपना सच होने जैसा था। उनके मुताबिक क्रिकेट ने उन्हें हिम्मत, विनम्रता और ऐसी यादें दीं जिन्हें वे पूरी जिंदगी संभालकर रखेंगी।
मेघना ने अपने परिवार, कोचों, साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का शुक्रिया अदा किया। करियर के मुश्किल दौर में परिवार ने जो साथ दिया और जो त्याग किया, उसका उन्होंने खास तौर पर जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन (ACA), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात जायंट्स और RSPB के समर्थन के लिए भी आभार जताया।
मेघना ने साफ किया कि खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर खेलने के दिन भले खत्म हो गए हों, लेकिन क्रिकेट से उनका नाता बना रहेगा। उन्होंने बताया कि आगे चलकर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को गाइड करना और क्रिकेट के विकास में योगदान देना उनका लक्ष्य है।
आंध्र प्रदेश की रहने वाली 30 साल की सब्बिनेनी मेघना ने 2016 से 2022 के बीच भारतीय टीम की नुमाइंदगी की। उन्होंने भारत के लिए 3 वनडे और 17 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वनडे में एक अर्धशतक की मदद से उन्होंने 114 रन बनाए, जबकि टी-20 में एक अर्धशतक के साथ उनके नाम 258 रन दर्ज हैं।
मेघना महिला प्रीमियर लीग में भी खेली हैं। वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की उस टीम का हिस्सा थीं जिसने 2024 में खिताब जीता था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने के बाद अब उन्होंने हर तरह के क्रिकेट से रिटायर होने का फैसला किया है।
अपने संदेश के आखिर में मेघना ने क्रिकेट का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि खेलने के दिन खत्म हो भी जाएं, तो क्रिकेट उनके दिल में, उनके शौक में और उनकी जिंदगी के मकसद में हमेशा रहेगा। जिस खेल ने उन्हें सब कुछ दिया, उसके लिए आगे योगदान देने की इच्छा भी उन्होंने जताई।
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