राजुरा में बिजली चोरी का मामला, चार्ली के संतोष सोनटक्के के खिलाफ केस दर्ज
महावितरण के सहायक इंजीनियर की शिकायत पर राजुरा पुलिस ने भारतीय विद्युत कानून 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चंद्रपुर जिले के राजुरा में बिजली चोरी के एक मामले में पुलिस ने चार्ली गांव के एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि बकाया बिल की वजह से कनेक्शन कटने के बाद भी उसने मुख्य बिजली लाइन पर तार से आंकड़ा डालकर बिजली इस्तेमाल की। महावितरण के सहायक इंजीनियर की शिकायत पर भारतीय विद्युत कानून 2003 की धारा 135 के तहत यह कार्रवाई हुई है।
शिकायत के मुताबिक महावितरण की राजुरा ग्रामीण उपविभाग के सहायक इंजीनियर व्यंकटेश किष्टन्ना नरमवार 10 जुलाई 2026 को अपने स्टाफ के साथ चार्ली गांव गए थे। वे बकायादारों और जिनकी बिजली काटी जा चुकी है, ऐसे ग्राहकों की रोज की जांच पर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने गांव के उद्धव एस. सोनटक्के के बिजली कनेक्शन की जांच की। ग्राहक क्रमांक 455870001204 वाले इस कनेक्शन पर 7 हजार 560 रुपये की पुरानी बकाया रकम निकली।
शिकायत में कहा गया है कि बकाया की वजह से महावितरण पहले ही इस कनेक्शन की बिजली काट चुका था। इसके बावजूद जांच में मुख्य लघुदाब बिजली लाइन पर तार के जरिए हुक यानी आंकड़ा डालकर सीधे अवैध तरीके से बिजली ली जाती हुई पाई गई।
जांच के वक्त मौके पर मौजूद रकुमाबाई उद्धव सोनटक्के ने महावितरण की टीम को बताया कि इस बिजली का असल इस्तेमाल संतोष उद्धव सोनटक्के करता है। टीम ने मौके का पंचनामा किया और 0.072 किलोवॉट लोड की कुल 1 हजार 330 रुपये की बिजली चोरी का आंकड़ा निकाला।
नियम के मुताबिक चोरी की गई बिजली का आकलन बिल बनाया गया। शिकायत के अनुसार इसे भरने के लिए इस्तेमाल करने वाले को काफी वक्त और मोहलत भी दी गई थी। लेकिन बार-बार मुदत मिलने पर भी आरोपी ने जुर्माने वाले बिल की कोई रकम महावितरण के पास जमा नहीं कराई।
तय वक्त में बिल न भरने और आरोप के मुताबिक बिजली चोरी जारी रखने पर सहायक इंजीनियर नरमवार ने 6 अक्टूबर को राजुरा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी। इसी शिकायत पर राजुरा पुलिस ने आरोपी संतोष उद्धव सोनटक्के, निवासी चार्ली, के खिलाफ भारतीय विद्युत कानून 2003 की धारा 135 के तहत केस दर्ज किया। बिजली चोरी में इस्तेमाल हुआ तार जब्त करके महावितरण दफ्तर में जमा करा दिया गया है।
राजुरा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक नितीनकुमार चिंचोलकर के मार्गदर्शन में पुलिस हवालदार पुंडलिक पारचाके इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।