विरूर थाने में शराब पीकर हंगामे का आरोप, आधे घंटे बाद चुनाला में पुलिसकर्मी पर तीन का हमला
चंद्रपुर जिले के राजुरा तालुका में एक ही पुलिस कर्मचारी से जुड़े दो मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज हुई है। पुलिस जांच कर रही है।
चंद्रपुर जिले के राजुरा तालुका में 30 सितंबर 2026 को एक ही पुलिस कर्मचारी से जुड़ी दो घटनाएं आधे घंटे के फासले में हुईं। पहले विरूर पुलिस स्टेशन में हंगामे का मामला दर्ज हुआ और फिर चुनाला में उसी कर्मचारी पर हमला हुआ। दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की गई है।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, विरूर पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस अंमलदार मनोज सुनील दुबे (उम्र 40) सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बहुत ज्यादा शराब के नशे में स्टेशन पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों से उन्होंने बहस की और डराना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने स्टेशन में मोर्चा का दरवाजा जोर-जोर से पटका। अफसरों और कर्मचारियों ने समझाने की कोशिश की तो वे सबके ऊपर चढ़ने लगे।
इसी बीच कर्मचारियों ने देखा कि उनकी कमर में लोहे का धारदार और लंबे फल वाला सत्तुर खोंसा हुआ है। वरिष्ठ अफसरों के कहने पर मौजूद कर्मचारियों ने पंचों के सामने उन्हें पकड़ा, तलाशी ली और उनके पास से सत्तुर जब्त कर लिया।
खुद पुलिस कर्मचारी होते हुए खतरनाक हथियार रखकर दहशत फैलाने के आरोप में अंमलदार अविनाश भीमराव बोरुले की शिकायत पर विरूर पुलिस स्टेशन में मनोज दुबे के खिलाफ आर्म्स एक्ट और दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना के आधे घंटे बाद, यानी दोपहर करीब बारह बजे, दूसरी घटना हुई। जानकारी के मुताबिक विरूर स्टेशन में उस वक्त दुबे की कोई ड्यूटी नहीं थी। वे चंद्रपुर में इलाज करा रहे अपने बड़े भाई से मिलने अपनी मोटरसाइकिल से विहीरगांव-राजुरा रास्ते पर निकले थे। आरोप है कि विरूर स्टेशन में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने आरोपियों को बताया कि दुबे चंद्रपुर की तरफ जा रहे हैं।
इसी जानकारी के आधार पर शुभम उर्फ बंटी अरुण पिपरे, प्रतीक उर्फ गोलू पिपरे (दोनों निवासी पेठवार्ड, राजुरा) और मयूर निखाडे (निवासी चुनाला) ने सफेद रंग की स्विफ्ट कार (नंबर MH-34-CJ-1663) से रेलवे फाटक से दुबे का पीछा शुरू किया, ऐसा आरोप है।
राजुरा के पास चुनाला के MIDC रोड पर विहान बार के पीछे दुबे रुके तो तीनों आरोपियों ने कार से उतरकर बिना कुछ कहे उन्हें लकड़ी की लाठी से बुरी तरह पीटा, ऐसा आरोप है। इस हमले में दुबे के माथे, आंख के पास, कोहनी, पैर और कमर में गंभीर चोटें आईं।
खबर मिलते ही विरूर पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। खून से लथपथ पड़े दुबे को ताब्यात में लेकर राजुरा उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में राजुरा पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।
एक ही कर्मचारी से जुड़ी इन दोनों घटनाओं से पुलिस महकमे और राजुरा तालुका में काफी हलचल है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।