गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
14:47 IST

राजकोट की फील्डमार्शल ने उतारे 15 और 18 एचपी के टीआरईएम V डीज़ल इंजन

राजकोट की फील्डमार्शल पी.एम. डीज़ल ने देश में पहली बार एआरएआई मान्यता प्राप्त, टीआरईएम V के अनुकूल 15 और 18 एचपी के सिंगल-सिलेंडर डीज़ल इंजन बाज़ार में उतारे हैं।

राजकोट की फील्डमार्शल ने उतारे 15 और 18 एचपी के टीआरईएम V डीज़ल इंजन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मेक इन इंडिया के तहत डीज़ल इंजन, ट्रैक्टर और इनसे जुड़े इंजीनियरिंग प्रोडक्ट बनाने वाली राजकोट की कंपनी फील्डमार्शल पी.एम. डीज़ल प्रा.लि. ने 15 और 18 एचपी क्षमता के सिंगल-सिलेंडर डीज़ल इंजन बाज़ार में उतारे हैं। कंपनी के मुताबिक देश में पहली बार एआरएआई (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) से मान्यता प्राप्त और टीआरईएम V मानकों के अनुकूल इंजन आए हैं। कंपनी इसे अपने छह दशक से ज़्यादा के इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सफ़र का अहम पड़ाव बताती है।

ये इंजन कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर और खेती की मशीनों के लिए बनाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इनमें इंजीनियरिंग की महारत, पर्यावरण के अनुकूल तकनीक, ईंधन की बचत, टिकाऊपन और कॉम्पैक्ट बनावट एक साथ मिलती है। इंजनों में देश में बनी ईजीआर (एक्ज़ॉस्ट गैस रीसर्क्युलेशन) प्रणाली लगी है। इससे उत्सर्जन घटता है, इंजन का काम सुचारु रहता है और नए टीआरईएम V उत्सर्जन मानकों का पालन हो पाता है।

फील्डमार्शल ने अपनी इस इंजन तकनीक से जुड़े कई राष्ट्रीय पेटेंट के लिए आवेदन भी किए हैं। कंपनी के मुताबिक इससे देश में रिसर्च और डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग और बौद्धिक संपदा पर उसका बढ़ता ज़ोर दिखता है। सख़्त हालात और लंबे वक़्त तक चलने वाले कामों के लिए बने इन इंजनों में मज़बूत बनावट, कॉम्पैक्ट आकार, असरदार कूलिंग प्रणाली और आसान मेंटेनेंस जैसी ख़ूबियां हैं।

कंपनी के डायरेक्टर ऋषी पटेल ने कहा, "हमारे टीआरईएम V इंजन प्लेटफॉर्म का विकास फील्डमार्शल के इंजीनियरिंग सफ़र का एक अहम पड़ाव है। छह दशक से ज़्यादा वक़्त से हमारा ज़ोर ऐसे भरोसेमंद प्रोडक्ट बनाने पर रहा है जो ज़मीनी हालात में खरे उतरें। एआरएआई मान्यता प्राप्त और टीआरईएम V के अनुकूल 15 और 18 एचपी के सिंगल-सिलेंडर इंजनों की लॉन्चिंग और इस तकनीक के लिए किए गए पेटेंट आवेदन भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र की बढ़ती क्षमता दिखाते हैं।"

इस लॉन्च से श्रीदेव (Shridev) ब्रांड के ज़रिए कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर श्रेणी में कंपनी की मौजूदगी और मज़बूत हुई है। 20 एचपी से कम क्षमता के ट्रैक्टरों का सेगमेंट देश के पूरे ट्रैक्टर बाज़ार का करीब 3 प्रतिशत है और इसमें सालाना बिक्री अंदाज़न 40,000 से 45,000 यूनिट है। फील्डमार्शल अभी श्रीदेव के 12, 15 और 18 एचपी के ट्रैक्टरों के साथ इस सेगमेंट में काम कर रही है।

कंपनी का लक्ष्य अगले तीन साल में देश के 20 एचपी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टर बाज़ार में 10 से 15 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। नज़दीकी वक़्त में 30 एचपी तक के ट्रैक्टर उतारने की योजना है, जबकि लंबे समय की रिसर्च और डेवलपमेंट योजना में 100 एचपी तक के ट्रैक्टर विकसित करने का प्लान है।

ऋषी पटेल ने कहा, "हमारी महत्वाकांक्षा सिर्फ़ 15 और 18 एचपी श्रेणियों तक सीमित नहीं है। हम इंजन, ट्रैक्टर और खेती के मशीनीकरण में तकनीक और प्रोडक्ट्स का एक व्यापक ढांचा तैयार कर रहे हैं। साथ ही जल-प्रबंधन उपायों, स्वच्छ ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उपकरणों के क्षेत्र में भी हम विस्तार कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "फील्डमार्शल की इंजीनियरिंग विरासत को नई तकनीक और प्रोडक्ट्स से जोड़ना हमारा मकसद है, ताकि भारत और दुनिया भर के अगली पीढ़ी के ग्राहकों की सेवा की जा सके।"

कंपनी 1963 में मे. पटेल मैन्युफैक्चरर्स के नाम से शुरू हुई थी। तब उसकी सालाना उत्पादन क्षमता सिर्फ़ 80 डीज़ल इंजन की थी। आज वह सालाना 1,60,000 से ज़्यादा इंजन बनाने की क्षमता वाली विविध इंजीनियरिंग कंपनी बन चुकी है। शापर प्लांट में महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ संयुक्त उत्पादन सहयोग है, और सोनालिका, एसीई और कामको जैसी बड़ी कंपनियों के साथ OEM रिश्ते हैं। श्रीदेव ट्रैक्टर के अलग प्लांट की क्षमता रोज़ाना 100 ट्रैक्टर तक की है।

अंतरराष्ट्रीय विस्तार कंपनी की आगे की रणनीति का अहम हिस्सा है। उसके प्रोडक्ट 60 से ज़्यादा देशों में पहुंच चुके हैं और वह निर्यात बाज़ारों के लिए यूरो V के अनुकूल इंजन तैयार कर रही है। आगे की विकास योजना ज़्यादा अश्वशक्ति वाली श्रेणियों तक जाएगी। कंपनी औद्योगिक, कमर्शियल, इन्फ्रास्ट्रक्चर और नगरपालिका इस्तेमाल के लिए सफ़ाई उपकरणों का एक ख़ास विभाग भी विकसित कर रही है। फील्डमार्शल पी.एम. डीज़ल प्रा.लि. के राजकोट और शापर में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे