कर्जमुक्त होने के बाद भी किसानों को नया पीक कर्ज नहीं, चंद्रपुर जिला बैंक पर सवाल
सावली तालुका की मंगरमेंढा सेवा सहकारी संस्था ने मुख्यमंत्री, सहकार मंत्री और जिलाधिकारी से नया पीक कर्ज दिलाने और वितरण की मियाद बढ़ाने की मांग की है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमुक्ति योजना का फायदा किसानों को सरकार की तरफ से मिला, यह बात सही है। लेकिन अब जब किसान को नए सिरे से पीक कर्ज की सबसे ज्यादा जरूरत है, चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक नया पीक कर्ज देने में आनाकानी कर रही है। इससे किसानों में भारी गुस्सा है।
इसी मामले में सेवा सहकारी संस्था मर्या. मंगरमेंढा (रजि. ६७४, तालुका सावली, जिला चंद्रपुर) के अध्यक्ष खुशाल लोडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील और चंद्रपुर के जिलाधिकारी को दो अलग-अलग निवेदन दिए हैं। ये निवेदन सावली के तहसीलदार के जरिए भेजे गए हैं।
निवेदन के मुताबिक २०२६ के चालू सीजन के नए पीक कर्ज के केस संस्था ने जमा किए, तो जिला बैंक ने २०२६-२७ की फसल बुआई की एंट्री वाला ७/१२ मांगा। मगर २०२६-२७ की बुआई अभी अपलोड ही नहीं हुई है, इसलिए ७/१२ पर सिर्फ २०२५-२६ की एंट्री दिख रही है। पीक कर्ज बांटने की आखिरी तारीख ३० सितंबर थी। किसानों ने २५ सितंबर को अर्जी देकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर दी थी। इसके बावजूद जिला बैंक के एआरओ ने फोन पर जुबानी आदेश दिया कि कर्जमुक्त हो चुके किसानों को कर्ज न बांटा जाए, और इसी वजह से वितरण रुक गया है।
तालुके के कई किसानों ने उधार के पैसे लेकर या साहूकार से कर्ज लेकर पुराने पीक कर्ज का ब्याज भरा और खाता निल कराया। अब नया कर्ज नहीं मिल रहा, तो उनकी भागदौड़ बढ़ गई है। सेवा संस्था और किसान सदस्यों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निवेदन में कहा गया है कि इस साल सीजन में बारिश बहुत कम हुई और सूखे जैसे हालात हैं। फसलें पानी के बिना सूख रही हैं और उपज में ६० प्रतिशत की गिरावट आई है। दूसरी तरफ महंगी दवाइयां, महंगी खाद, रोपाई, निराई और फसल कटाई का खर्च आसमान छू रहा है। किसान पहले से बेबस है, ऐसे में बैंक का पीक कर्ज देने से कतराना "किसानों के जख्म पर नमक छिड़कने" जैसा है।
निवेदन में सवाल उठाया गया है कि किसान खाएगा क्या और जिएगा कैसे। ऐसे वक्त बैंक को सहारा देना चाहिए, पर ऐसा होता नहीं दिख रहा। क्या किसान का कोई वाली नहीं है, और क्या किसान सिर्फ बड़ी सभाओं में भाषण देने के लिए रह गया है? दिन-रात खेत में खटने के बाद आखिर किसान के हाथ में बचता क्या है? निवेदन के अनुसार आज हर किसान यही सवाल पूछ रहा है।
मांग यह है कि किसानों के हित को देखते हुए नए पीक कर्ज वितरण की मियाद बढ़ाई जाए। चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को अपने स्तर से पत्र भेजकर नया पीक कर्ज मंजूर करने को कहा जाए, और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट संस्था के कार्यालय को बताई जाए। अध्यक्ष खुशाल लोडे, शेतकरी विविध सेवा सहकारी संस्था, मंगरमेंढा ने यह विनम्र विनती की है।