पूर्व विदर्भ के चार जिलों तक पहुंचेगा समृद्धि महामार्ग, MSRDC ने निकाले 23,000 करोड़ के टेंडर
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MSRDC ने भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली और चंद्रपुर को जोड़ने वाले चार लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 23,000 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं।
नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग को पूर्व विदर्भ के दूर-दराज के जिलों तक ले जाने की परियोजना आगे बढ़ गई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इस विस्तार के लिए करीब 23,000 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए हैं।
परियोजना में भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली और चंद्रपुर को समृद्धि महामार्ग के नेटवर्क से जोड़ने के लिए चार नए लिंक एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। लक्ष्य यह रखा गया है कि टेंडर की प्रक्रिया अगले दो महीनों में पूरी हो जाए और निर्माण शुरू होने के बाद दो साल के अंदर परियोजना पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की परिकल्पना से शुरू हुए समृद्धि महामार्ग ने नागपुर और मुंबई के बीच सफर का समय घटाया है। अब सरकार इसी सड़क नेटवर्क को पूर्व विदर्भ तक बढ़ाने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने 24 सितंबर को करीब 42,000 करोड़ रुपये की कुल योजना को मंजूरी दी थी। इसी के तहत चार नए लिंक एक्सप्रेस-वे विकसित होंगे, जिससे इलाके के दूर के जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा।
MSRDC के अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले दो महीनों में टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। उसके बाद तय समयसीमा में काम पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
MSRDC के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिलकुमार गायकवाड़ ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और समृद्धि महामार्ग का विस्तार भी इसी योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद परियोजना को दो साल में पूरा करने की कोशिश रहेगी।
इस परियोजना से भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली और चंद्रपुर शहर के लोगों को समृद्धि महामार्ग के जरिए राज्य के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से सफर का समय कम होने के साथ व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
MSRDC के अधिकारी समय निकोसे के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया अगले दो महीनों में पूरी करने और उसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। अब परियोजना की रफ्तार इस पर निर्भर करेगी कि निविदा और निर्माण से जुड़े अगले चरण तय समय पर पूरे होते हैं या नहीं।
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