पुणे मेट्रो लाइन 3 शुरू, फडणवीस बोले- 2030 तक पुणे महानगर क्षेत्र बनेगा देश का मोबिलिटी हब
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शिवाजीनगर-हिंजवडी मेट्रो के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आईटी कर्मचारियों को राहत और पुणे के विकास की बात कही।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि 2030 तक पुणे महानगर क्षेत्र (पीएमआर) देश का एक अहम मोबिलिटी केंद्र बन जाएगा। पिंपरी-चिंचवड और पीएमआर इलाके में मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस, इनर रिंगरोड, आउटर रिंगरोड, सुरंग और नए एयरपोर्ट समेत आधुनिक ट्रांसपोर्ट सुविधाओं का जाल बिछाया जा रहा है। फडणवीस के मुताबिक इन्हीं सुविधाओं के दम पर यह बदलाव होगा।
हिंजवडी और उसके आसपास का इलाका देश के बड़े आईटी हब में गिना जाता है। यहां रोज हजारों कर्मचारी काम पर आते हैं। ट्रैफिक जाम की वजह से उन्हें कई बार एक से दो घंटे तक फंसे रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो शुरू होने से आईटी सेक्टर के कर्मचारियों, खासकर नौजवान लड़के-लड़कियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुआ था। अब उन्हीं के हाथों इसका लोकार्पण हो रहा है, इस बात की खुशी फडणवीस ने जाहिर की।
देश में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) से मेट्रो बनाने की नीति आने के बाद शिवाजीनगर-हिंजवडी इस तरह का पहला प्रोजेक्ट बना। इसे डीबीओटी तरीके से टाटा प्रोजेक्ट्स और सीमेंस ने खड़ा किया। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग, वायबिलिटी गैप फंड और महाराष्ट्र सरकार की ओर से की गई जमीन अधिग्रहण की वजह से यह प्रोजेक्ट पूरा हो सका। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसके निर्माण से लेकर संचालन तक महिलाओं का योगदान अहम है और यह 'पिंक पावर्ड' मेट्रो महिला शक्ति की भागीदारी की निशानी है।
फडणवीस ने बताया कि पुणे शहर में करीब 120 किलोमीटर के मेट्रो रूट तैयार हो चुके हैं और कुछ रूटों पर काम चल रहा है। देश में मेट्रो के विस्तार का सबसे ज्यादा फायदा महाराष्ट्र को मिला है। राज्य के 12 नगर निगमों के इलाके में मेट्रो चल रही है या उसका काम जारी है। उनके मुताबिक मेट्रो सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास को रफ्तार देने वाली व्यवस्था है। मेट्रो से निवेश, रोजगार और उसके आसपास की आर्थिक व्यवस्था का जाल तैयार होता है।
पुणे महानगर क्षेत्र को बड़े शहरी विकास केंद्र के तौर पर खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये का फंड दिया है। इस फंड से पुणे और पीएमआर इलाके में आधुनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बनाने की योजना है। पुणे मेट्रो को ग्रीन मेट्रो के तौर पर विकसित किया जा रहा है और वह अपनी जरूरत की 30 फीसदी बिजली खुद बनाएगी। पुणे इलाके में मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसें, इनर और आउटर रिंगरोड, सीएमटीआर, भूमिगत रास्ते और सुरंगों का जाल तैयार हो रहा है। इससे पुणे सिर्फ आईटी और मैन्युफैक्चरिंग का ही नहीं, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी का भी अहम केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में पुणे का योगदान बड़ा रहेगा।
फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ गरीबी हटाने और नौजवानों को रोजगार के मौके देने पर जोर दिया है। विकास की प्रक्रिया में आम नागरिक और समाज के आखिरी तबके को केंद्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र के विकास के लिए केंद्र सरकार का सहयोग और मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा।
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