गंजम में अर्णब तूफान से टूटी सड़क, नाला पार करने को आशा और एएनएम ने ली एक्सकेवेटर की मदद
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
ओडिशा के गंजम जिले के सोराडा ब्लॉक में दो महिला स्वास्थ्य कर्मियों को काम पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ओडिशा के गंजम जिले से एक वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। इसमें एक आशा कार्यकर्ता और एक एएनएम कार्यकर्ता को अपने काम की जगह पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालते देखा जा सकता है। रास्ता बंद हो जाने की वजह से दोनों महिलाओं को नाला पार करने के लिए जेसीबी जैसी मशीन का सहारा लेना पड़ा।
यह वाकया गंजम जिले के सोराडा ब्लॉक में गजलबारी इलाके का है। हाल ही में आए अर्णब चक्रवात का इस पूरे इलाके की सड़कों और आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा। तेज बारिश और बाढ़ में कई जगह सड़कें बह गईं और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा। नतीजा यह हुआ कि आसपास के गांवों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया था।
मिली जानकारी के मुताबिक दोनों महिला स्वास्थ्य कर्मी गजलबारी इलाके में अपनी ड्यूटी की जगह जा रही थीं। लेकिन भूतपंकळा के पास सड़क खराब हो चुकी थी, इसलिए वे आगे नहीं बढ़ पाईं। सामने नाला था और सुरक्षित रास्ता कोई था नहीं, सो दोनों वहीं फंस गईं। फिर उन्हें नाला पार कराने के लिए एक एक्सकेवेटर, यानी जेसीबी, का इंतजाम किया गया।
दोनों महिलाएं उसी मशीन पर खड़ी हुईं और उसके सहारे नाले के दूसरी तरफ पहुंचीं। यह काफी जोखिम भरा तरीका था। जरा सी चूक भी हो जाती तो गंभीर हादसा हो सकता था।
अर्णब चक्रवात से प्रभावित गंजम के कई हिस्सों में फिलहाल राहत का सामान पहुंचाने और जरूरी सेवाएं देने का काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी सेविकाओं पर डाली गई है। स्वास्थ्य सेवा देने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए इन कर्मचारियों को दूरदराज के गांवों तक सफर करना पड़ रहा है।
टूटी सड़कों और खराब हुए पुलों की वजह से गांवों तक पहुंचना नामुमकिन सा हो गया था। गजलबारी की यह घटना इसी परेशानी की एक साफ मिसाल है। इन दोनों महिला कर्मियों ने मुश्किल हालात में भी अपनी ड्यूटी निभाने की कोशिश की। उनका यह कदम अपनी जिम्मेदारी के प्रति लगन दिखाता है। साथ ही यह भी याद दिलाता है कि आपदा से घिरे इलाकों में सड़क संपर्क का सुरक्षित होना कितना जरूरी है।
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