बोरी में 47.62 ग्राम MD के साथ चार गिरफ्तार, 2.68 लाख रुपये का माल जब्त
नागपुर ग्रामीण पुलिस ने बोरी थाना क्षेत्र में 17 और 18 अक्टूबर 2026 के दौरान चार आरोपियों के खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत कार्रवाई की। मामले की आगे की जांच बोरी पुलिस के पास है।
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नागपुर ग्रामीण पुलिस ने बोरी थाना इलाके में नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसा है। स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेज यानी NDPS दस्ते ने मिलकर चार लोगों को पकड़ा। इनके पास से 47.62 ग्राम मेफेड्रोन, जिसे आम बोलचाल में MD कहा जाता है, और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के हिसाब से पूरे माल की कीमत 2 लाख 68 हजार 100 रुपये बैठती है। यह कार्रवाई 17 और 18 अक्टूबर 2026 के बीच हुई।
पुलिस ने बताया कि दोनों टीमें बोरी थाना क्षेत्र में एक साथ गश्त कर रही थीं। इसी दौरान एक भरोसेमंद मुखबिर ने खबर दी कि MD की तस्करी के चक्कर में एक आदमी नागपुर-बोरी रोड पर बोथली फाटा के पास पहुंचने वाला है। इत्तला हल्की नहीं थी, इसलिए टीम ने पहले उसकी तसदीक की और फिर उस जगह पर जाल बिछा दिया। मुखबिर की बात के सहारे पुलिस ने चारों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की।
पकड़े गए लोगों में फिरोज इब्राहिम खान (35) और मोहसिन अब्दुल बेरा (39) शामिल हैं। दोनों बुटीबोरी के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी एहफज उर्फ लक्की अहमद खान (26) है, जो नागपुर के खरबी में नंदनवन के पास रहता है। चौथे आरोपी का नाम फारुख मुलताज शेख (25) है और वह भी नागपुर के खरबी का रहने वाला है। चारों पर NDPS एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई चल रही है। नशे के इस धंधे में हर किसी की क्या भूमिका थी, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
माल का हिसाब देखें तो 47.62 ग्राम MD की अनुमानित कीमत 2,38,100 रुपये आंकी गई है। तीन एंड्रॉयड फोन की कीमत 30,000 रुपये बताई गई है। दोनों रकम जोड़ने पर कुल 2,68,100 रुपये का सामान पुलिस के हाथ लगा। यानी 2.38 लाख रुपये सिर्फ नशे की कीमत है, पूरे जब्त माल की नहीं।
कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त की गई ड्रग्स, फोन और उनसे जुड़े कागजात बोरी पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिए गए। अब आगे की तफ्तीश वही करेगा। जांच करने वाले अफसर यह पता लगाने में लगे हैं कि यह नशा आखिर कहां से आया था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सप्लाई और बिक्री के इस नेटवर्क में कोई और भी शामिल था या नहीं। पुलिस दूसरे संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश में है, और मामले की जांच अभी जारी है।
यह पूरी कार्रवाई नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार (आईपीएस), अपर पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के (आईपीएस) और उपविभागीय पुलिस अधिकारी व पुलिस उपअधीक्षक मयंक माधव (आईपीएस) की देखरेख में हुई।
स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अंकुश माने, सहायक पुलिस निरीक्षक विजय चनोर, पुलिस उपनिरीक्षक मंगेश वानखड़े और पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण भिमटे इस साझा अभियान में आगे रहे। इनके साथ NDPS दस्ते और LCB के बाकी अफसर और कर्मचारी भी मौजूद थे।
टीम में मिलिंद नांदुरकर, आशीष टेकाम, विष्णु जायभाये, प्रमोद भोयर, शैलेश यादव, संजय बरोदिया, सम्राट वनस्पती, रोहित आडे, निलेश इंगुलकार और ड्राइवर राहुल पाटील भी थे। NDPS दस्ते से प्रवीण देवारे, अमोल नागरे, दीपक टोके, प्रकाश ढोके, अनिल करडखेले और अविनाश तोडसाम ने काम संभाला। साइबर सेल के सतीश राठोड ने भी इस कार्रवाई में मदद की।