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02:26 IST

पुणे के तलेगांव में इलेक्ट्रिक ट्रक प्लांट शुरू, पहले चरण में 500 करोड़ रुपये लगे

एनर्जी इन मोशन ने तलेगांव के आंबी में इलेक्ट्रिक भारी वाहनों का नया उत्पादन परिसर शुरू किया है।

पुणे के तलेगांव में इलेक्ट्रिक ट्रक प्लांट शुरू, पहले चरण में 500 करोड़ रुपये लगे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए एक अहम खबर आई है। एनर्जी इन मोशन (EIM) कंपनी ने पुणे के तलेगांव इलाके में इलेक्ट्रिक भारी कमर्शियल वाहनों के लिए नया उत्पादन परिसर शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट 14 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ।

कंपनी महाराष्ट्र में कुल 1,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रही है। तलेगांव का यह प्रोजेक्ट उस योजना का पहला चरण है। इस नई सुविधा पर कंपनी ने करीब 500 करोड़ रुपये लगाए हैं।

तलेगांव के आंबी में बने इस परिसर में तीन चीजें एक जगह हैं: इलेक्ट्रिक भारी वाहनों की असेंबली, लिथियम-आयन बैटरी पैक की असेंबली और बैटरी टेस्टिंग की प्रयोगशाला। कंपनी की जानकारी के मुताबिक सुविधा की शुरुआती कैपेसिटी हर शिफ्ट पर साल में 5,000 वाहनों की है। यहां इलेक्ट्रिक ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रेलर और डंपर बनाने की योजना है। वाहनों की जुड़ाई और बैटरी का काम एक ही जगह होने से प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी के विकास में मदद मिल सकती है।

रोजगार को लेकर कंपनी ने उम्मीद जताई है कि इस प्रोजेक्ट से 2,000 से ज्यादा सीधे और परोक्ष रोजगार बनेंगे। मैन्युफैक्चरिंग के काम के साथ डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और आईटी सेक्टर में भी मौके बन सकते हैं। इससे तलेगांव और आसपास के औद्योगिक इलाके को निवेश का फायदा मिलने की संभावना है।

इलेक्ट्रिक भारी वाहनों में चार्जिंग का समय एक बड़ा मुद्दा है। इसे देखते हुए एनर्जी इन मोशन हाईवे, बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के पास बड़ी क्षमता वाले चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग सेंटर बनाने की तैयारी में है। कंपनी का कहना है कि साथ चलने वाले वाहनों की बैटरी 7 मिनट से कम समय में बदली जा सकेगी। CCS-2 मानक के मुताबिक चार्जिंग की सुविधा देने की भी योजना है।

कंपनी ने इलेक्ट्रिक भारी वाहनों के लिए बीएआईसी फोटॉन, बैटरी टेक्नोलॉजी के लिए सीएटीएल और रोबोटिक बैटरी स्वैपिंग के लिए शांघाई एनेगॉन के साथ साझेदारी की है। डीजल से चलने वाले मालवाहक वाहनों को इलेक्ट्रिक विकल्प देना और उसके लिए जरूरी ढांचा खड़ा करना इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद है।

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