गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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17:57 IST

फ्रीलांसर और यूट्यूबर्स को डॉलर की कमाई के लिए 1 अक्टूबर 2026 से भरना होगा EDF फॉर्म

विदेशी क्लाइंट से डॉलर में कमाई करने वालों के लिए नया नियम आ रहा है। यह टैक्स नहीं है, पर फॉर्म वक्त पर न भरा तो पेमेंट अटक सकता है।

फ्रीलांसर और यूट्यूबर्स को डॉलर की कमाई के लिए 1 अक्टूबर 2026 से भरना होगा EDF फॉर्म तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

क्या आप फ्रीलांसिंग करते हैं, या यूट्यूब से कमाई होती है? या फिर बाहर के देश के क्लाइंट के लिए काम करके डॉलर में पैसे कमाते हैं? तो यह खबर आपके लिए ही है। सरकार एक नया नियम लाई है। 1 अक्टूबर 2026 से अगर आप विदेश से पैसे ले रहे हैं, तो आपको Export Declaration Form यानी EDF भरना पड़ेगा।

सोशल मीडिया पर कई लोग इसे नया टैक्स बता रहे हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। यह कोई टैक्स नहीं है। यह विदेश से आने वाले पैसे पर नजर रखने के लिए लाया गया एक नया सिस्टम है।

पहले क्या होता था? जो लोग सामान बाहर के देश भेजते थे, या जो बड़ी IT कंपनियां थीं, सिर्फ उन्हीं को RBI के पास ऐसा फॉर्म भरना पड़ता था। इसे SOFTEX कहते थे। अब RBI ने सभी डिजिटल सेवा देने वालों को भी इसमें शामिल कर लिया है। यानी आप अकेले काम करते हों और घर बैठकर फ्रीलांसिंग करते हों, तब भी अब आप सरकार की नजर में एक 'सेवा निर्यातदार' हैं। इसलिए आपको भी ये नियम मानने होंगे।

पहला नियम यह है कि फॉर्म 30 दिन के अंदर भरना है। आपने जिस महीने में बाहर के क्लाइंट को बिल दिया है, वह महीना खत्म होने के 30 दिन के अंदर आपको अपनी बैंक में जाकर EDF फॉर्म देना है। हर बिल के लिए अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। RBI ने कहा है कि पूरे महीने के सारे बिल मिलाकर एक ही फॉर्म भर दिया जाए तो भी चलेगा। इसलिए छोटे फ्रीलांसर्स को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

दूसरा नियम यह है कि पैसे 9 महीने के अंदर भारत में लाने हैं। काम करने के बाद या बिल देने के बाद 9 महीने के अंदर वह पैसा आपके भारतीय बैंक अकाउंट में जमा हो जाना चाहिए। इससे ज्यादा वक्त नहीं लगा सकते।

तीसरा नियम कागजात संभालकर रखने का है। क्लाइंट से आपने क्या बात की, उसका मेल, आपका दिया हुआ इनवॉइस और बैंक से मिलने वाला FIRC सर्टिफिकेट, यह सब आपको ठीक से संभालकर रखना होगा।

छोटे यूट्यूबर्स और फ्रीलांसर्स को सबसे बड़ी राहत दी गई है। अगर आपके एक बिल की कीमत 10 लाख रुपये से कम है, यानी करीब 12 हजार डॉलर से कम, तो आपको ज्यादा कागजात के पीछे भागना नहीं पड़ेगा। आप सीधे अपनी बैंक की वेबसाइट पर जाकर Self-Declaration कर सकते हैं। यह काम सिर्फ 5-10 मिनट में हो जाएगा। इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।

फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा? यह टैक्स भले न हो, पर यह RBI के EDPMS नाम के सिस्टम से जुड़ा है। यह एक बड़ा डिजिटल सिस्टम है, जहां सारे निर्यात का डेटा जमा होता है। अगर आपने वक्त पर यह फॉर्म नहीं भरा, तो विदेश से आने वाला आपका पेमेंट अटक सकता है। बैंक आपके पैसे होल्ड पर रख सकती है। सही पर्पज कोड और इनवॉइस दिए बिना वह पैसा आपके खाते में नहीं आएगा। इतना ही नहीं, आगे GST रिफंड लेते वक्त या ITR भरते वक्त भी आपको प्रॉब्लम आ सकती है।

इसलिए अगर आप Google AdSense, Upwork, Fiverr या सीधे बैंक ट्रांसफर से पैसे लेते हैं, तो अभी अपनी बैंक के फॉरेन डिपार्टमेंट से मिलिए या अपने CA से बात कीजिए। फॉर्म वक्त पर भर दीजिए, ताकि आपकी मेहनत की कमाई बिना किसी परेशानी के आपके खाते में आ जाए।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे