M1xchange ने महाराष्ट्र के छोटे उद्योगों के लिए CGTMSE गारंटी और S2S फाइनेंसिंग शुरू की
M1xchange ने TReDS प्लेटफॉर्म पर CGTMSE गारंटी और S2S फाइनेंसिंग शुरू की है। महाराष्ट्र के 360 से ज्यादा MSME को S2S से 400 करोड़ रुपये की फाइनेंसिंग मिल चुकी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है। सपना बड़ा है, और इसे पूरा करना है तो राज्य के छोटे-बड़े उद्योगों को वक्त पर पैसा मिलना बहुत जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखकर M1xchange कंपनी एक बड़ा प्लान लेकर आई है।
M1xchange भारत का RBI से मान्यता प्राप्त TReDS प्लेटफॉर्म है। आसान शब्दों में कहें तो यह प्लेटफॉर्म छोटे उद्योगों के बिल को जल्दी पैसे में बदलवाता है। अब इस प्लेटफॉर्म पर दो नई चीजें शुरू हुई हैं। एक CGTMSE की गारंटी, और दूसरी स्मॉल-टू-स्मॉल यानी S2S फाइनेंसिंग। इन दोनों से महाराष्ट्र के MSME उद्योगों को काफी फायदा होगा।
उद्यम पोर्टल देखें तो महाराष्ट्र में 1.20 करोड़ से ज्यादा MSME रजिस्टर्ड हैं। पूरे देश में सबसे बड़ी संख्या इसी राज्य में है। यहां मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, ऑटो पार्ट्स, दवा बनाने वाली कंपनियां, कपड़ा उद्योग और सर्विस सेक्टर, हर तरह के उद्योग हैं। इसलिए यहां वर्किंग कैपिटल की जरूरत भी बहुत ज्यादा है।
M1xchange ने महाराष्ट्र में पहले से अपना जाल फैला रखा है। उनके प्लेटफॉर्म से जुड़े MSME में से 18 फीसदी अकेले महाराष्ट्र के हैं, और बड़े कॉर्पोरेट्स में से 20 फीसदी भी महाराष्ट्र के ही हैं। इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इनवॉइस महाराष्ट्र से ही आए हैं। अब कंपनी मुंबई, पुणे, नाशिक, ठाणे और नवी मुंबई जैसे औद्योगिक इलाकों में और गहराई तक जाना चाहती है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि TReDS पर अब CGTMSE की गारंटी मिलेगी। M1xchange देश का पहला प्लेटफॉर्म है जिसने ऐसी गारंटी का इस्तेमाल करके लेन-देन पूरा करके दिखाया है। इसका फायदा यह है कि बैंक और फाइनेंस कंपनियां अब ज्यादा भरोसे के साथ छोटे उद्योगों को पैसा देंगी, क्योंकि उन्हें सरकार की गारंटी मिल रही है। इनवॉइस की जांच करना और गारंटी लेना, यह सब अब डिजिटल हो गया है, इसलिए काम काफी तेज होता है।
S2S फाइनेंसिंग में पहले ऐसा होता था कि बिल का लेन-देन सिर्फ बड़ी कंपनी और छोटी कंपनी के बीच होता था। अब S2S की वजह से एक छोटा उद्योग दूसरे छोटे उद्योग का बिल भी डिस्काउंट कर सकता है। यानी एक MSME दूसरे MSME से जल्दी पैसे ले सकता है। महाराष्ट्र में इस S2S से अब तक 360 से ज्यादा MSME को 400 करोड़ रुपये की फाइनेंसिंग मिली है और 2600 से ज्यादा लेन-देन हुए हैं।
इस बारे में M1xchange के S2S बिजनेस हेड मनीष अरोड़ा ने कहा, "महाराष्ट्र में देश का सबसे बड़ा और विविधता से भरा MSME इकोसिस्टम है। राज्य का 1 ट्रिलियन डॉलर का सपना पूरा करना है तो सप्लाई चेन के आखिरी हिस्से तक पैसा पहुंचना चाहिए। CGTMSE और S2S दोनों की मदद से हम छोटे से छोटे सप्लायर तक पहुंच सकते हैं।"
कुल मिलाकर देखें तो M1xchange ने अब तक 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के बिलों का पैसा उद्योगों को दिलवाया है। उनके प्लेटफॉर्म से 80 से ज्यादा बैंक, 15 हजार कॉर्पोरेट्स और 1 लाख 10 हजार MSME जुड़े हैं। और इस सबमें महाराष्ट्र का हिस्सा सबसे बड़ा रहने वाला है।