फ्रांस में महंगाई के खिलाफ भड़का आंदोलन, मार्सेल में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने पर हमला किया
फ्रान्स में महंगाई और ईंधन के दाम के खिलाफ आंदोलन हिंसक हुआ, देश भर में 80 से ज्यादा मोर्चे निकले।
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फ्रांस में बढ़ती महंगाई, ईंधन के चढ़ते दाम और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन शनिवार, 17 अक्टूबर को हिंसक हो गया। हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं, और दक्षिण फ्रांस के मार्सेल शहर में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हैं।
मध्य पूर्व की जंग की वजह से दुनिया भर में तेल का संकट बढ़ा है। तेल रोजमर्रा की जिंदगी की कई चीजों से जुड़ा है, इसलिए इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इससे दुनिया भर में जरूरी चीजों के दाम बढ़े हैं और कई देश इसकी मार झेल रहे हैं। इसी कड़ी में फ्रांस में भी लोग सड़कों पर आए हैं।
मार्सेल में तनाव का माहौल है और पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच झड़प हो रही है। दोनों तरफ से आंसू गैस के गोले फेंके जा रहे हैं। आंदोलनकारी रास्ते में आने वाली सरकारी संपत्ति को आग लगा रहे हैं और अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। पुलिस वालों की भी जमकर पिटाई की जा रही है।
ला कानेबिएर इलाके में कुछ आंदोलनकारियों ने नगर निगम के पुलिस थाने पर हमला किया। वे इमारत में घुस गए और वहां तोड़फोड़ की गई। इस घटना से शहर का माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। बताया गया है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
महंगाई के मुद्दे पर लोगों में भारी नाराजगी है। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, जरूरी चीजों की चढ़ती कीमतें और घटती कमाई ने आम नागरिकों का आर्थिक गणित बिगाड़ दिया है। इन्हीं मुद्दों पर येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर आंदोलन तेज किया है।
इस आंदोलन को विद्यार्थियों, मजदूर संगठनों और कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला है। पूरे देश में यह आंदोलन अब चर्चा में है और देश के बाहर भी इसकी बात हो रही है। लोग मैक्रों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।
पूरे देश में 80 से ज्यादा मोर्चे और सैकड़ों प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी सभी समस्याओं के खिलाफ जोरदार आवाज उठा रहे हैं। इस तरह सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।