शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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04:43 IST

फोन पर अब नंबर के साथ नाम भी दिखेगा, 1 नवंबर से लागू होगी नई CLI परिभाषा

दूरसंचार विभाग ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन की परिभाषा बदली है, जिसमें अब कॉल करने वाले का नाम भी शामिल होगा।

फोन पर अब नंबर के साथ नाम भी दिखेगा, 1 नवंबर से लागू होगी नई CLI परिभाषा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अब फोन पर कॉल आने पर सिर्फ नंबर नहीं, कॉल करने वाले का नाम भी दिखने का रास्ता खुल गया है। मोबाइल ग्राहकों को फर्जी कॉल और धोखाधड़ी से बचाने और कॉलिंग व्यवस्था को एक सुर में लाने के लिए केंद्र सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। 1 नवंबर से कॉल करने वाले का सिर्फ मोबाइल नंबर नहीं, बल्कि उसके नाम की पहचान कराने वाली नई व्यवस्था लागू करने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है।

केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) की आधिकारिक परिभाषा में ही बुनियादी बदलाव करने का नीतिगत फैसला लिया है। इसके लिए 13 अक्टूबर 2026 को यूनिफाइड लाइसेंस एग्रीमेंट (Unified License Agreement) में संशोधन के आधिकारिक आदेश जारी किए गए। ये बदलाव 1 नवंबर 2026 से हर जगह लागू किए जाएंगे।

अब तक CLI का मतलब मुख्य रूप से उस फोन नंबर से समझा जाता था जिससे कॉल की जा रही है, या उसकी सीमित पहचान से। नई संशोधित परिभाषा के मुताबिक अब इसमें तीन अहम पहचानें शामिल की गई हैं। पहली है टेलिकॉम पहचान, यानी कॉल करने वाले यूजर को संबंधित टेलिकॉम कंपनी से मिला आधिकारिक पहचान क्रमांक। दूसरी है यूजर का नाम, जो टेलिकॉम कंपनी के पास ग्राहक पंजीकरण (KYC) के दस्तावेजों में दर्ज असली नाम है। तीसरी है इतर पहचान, यानी भविष्य में दूरसंचार विभाग जो भी नई पहचान तय करेगा।

मोबाइल धारकों को इसका सबसे बड़ा और सीधा फायदा यह होगा कि कॉल करने वाले की पहचान अब सिर्फ 10 अंकों के मोबाइल नंबर तक सीमित नहीं रहेगी। ग्राहक के आधिकारिक नाम को कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन की परिभाषा में शामिल कर लिए जाने से आने वाले कॉल पर व्यक्ति का नाम दिखाने की व्यवस्था और मजबूत होगी।

हालांकि इस आदेश में सीधे यह दावा नहीं किया गया है कि 1 नवंबर से हर मोबाइल पर हर कॉल के साथ नाम दिखना अनिवार्य होगा। यह नाम किस तरीके से, किस तकनीक से और किन खास हालात में स्क्रीन पर दिखाया जाएगा, इसका स्पष्टीकरण आदेश में आगे दिए जाने की संभावना है।

कॉल करने वाले की असली पहचान सामने आना रोज आने वाले परेशान करने वाले स्पैम कॉल (Spam Calls) और साइबर ठगों के फेक कॉल पर लगाम लगाने में काफी काम आ सकता है। लेकिन इस संशोधन में स्पैम कॉल हमेशा के लिए बंद करने या धोखाधड़ी रोकने के लिए कोई अलग व्यवस्था या दंड का प्रावधान घोषित नहीं किया गया है।

दूरसंचार विभाग ने यूनिफाइड लाइसेंस के तहत सेवा देने वाली सभी टेलिकॉम कंपनियों के लिए लाइसेंस की नियमावली और शर्तों में ये अहम बदलाव किए हैं। नई परिभाषा 1 नवंबर 2026 से लागू हो रही है। सरकार ने साफ किया है कि इसके अलावा लाइसेंस एग्रीमेंट (License Agreement) की बाकी सभी शर्तें और नियम पहले की तरह ही बने रहेंगे।

सरकार ने कॉल करने वाले की पहचान का दायरा बढ़ा दिया है और अब नंबर के साथ पंजीकृत नाम को भी उसमें शामिल कर लिया है। इससे आने वाले समय में ट्रूकॉलर जैसे ऐप पर निर्भर रहे बिना सीधे नेटवर्क के स्तर पर ही कॉल करने वाले की असली पहचान बताने वाली व्यवस्था के और सक्षम होने का रास्ता खुल गया है।

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